राष्ट्रमंडल खेल 2026: शर्मिला धनकर ने पैरा एथलेटिक्स में भारत को दिलाया पहला स्वर्ण, शिल्पा शायला ने जीता कांस्य
स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारत की शर्मिला धनकर ने महिला F57 शॉट पुट स्पर्धा में स्वर्ण तथा शिल्पा शायला ने कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया। यह पैरा एथलेटिक्स में भारत का पहला राष्ट्रमंडल खेल स्वर्ण पदक है और पहली बार किसी एक पैरा एथलेटिक्स स्पर्धा में भारत ने दो पदक जीते हैं। शर्मिला ने 9.81 मीटर का सीज़न का सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया, जबकि शिल्पा ने 7.26 मीटर का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर कांस्य पदक हासिल किया। यह उपलब्धि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की बढ़ती पैरा एथलेटिक्स क्षमता और दिव्यांग खिलाड़ियों की उत्कृष्ट प्रगति को दर्शाती है।
स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित राष्ट्रमंडल खेल (Commonwealth Games) 2026 में भारत की शर्मिला धनकर ने महिला F57 शॉट पुट स्पर्धा में स्वर्ण पदक तथा शिल्पा शायला ने कांस्य पदक जीता। यह राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास में पैरा एथलेटिक्स में भारत का पहला स्वर्ण पदक है तथा पहली बार किसी एक पैरा एथलेटिक्स स्पर्धा में भारत ने दो पदक जीते हैं।
प्रतियोगिता में प्रदर्शन एवं परिणाम
शर्मिला धनकर ने 9.81 मीटर का सीज़न का सर्वश्रेष्ठ थ्रो कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। वहीं शिल्पा शायला ने 7.26 मीटर का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ (Personal Best) थ्रो करते हुए कांस्य पदक हासिल किया। इन दोनों खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की पैरा एथलेटिक्स क्षमता को नई पहचान दिलाई।
शर्मिला धनकर का परिचय एवं संघर्ष
हरियाणा के छितरोली गांव की रहने वाली शर्मिला धनकर बचपन में पोलियो से प्रभावित हुईं। व्यक्तिगत एवं सामाजिक चुनौतियों का सामना करने के बावजूद उन्होंने पैरा एथलेटिक्स को अपना करियर बनाया। वर्ष 2020 में कोच टेक चंद के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण प्रारंभ किया और 2021 में राष्ट्रीय चैंपियन बनीं। उनका सफर भारत में दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
पैरा एथलेटिक्स में भारत की बढ़ती सफलता
राष्ट्रमंडल खेल 2026 में शर्मिला और शिल्पा की उपलब्धि यह दर्शाती है कि भारत पैरा खेलों में लगातार मजबूत स्थिति बना रहा है। हाल के वर्षों में पैरा खिलाड़ियों ने पैरालंपिक, विश्व चैंपियनशिप, एशियाई पैरा खेल एवं राष्ट्रमंडल खेलों में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है, जिससे भारत की वैश्विक खेल पहचान और मजबूत हुई है।
UPSC परीक्षा की दृष्टि से महत्व
यह समाचार खेल एवं पुरस्कार, समावेशी खेल नीति (Inclusive Sports Policy), दिव्यांगजन सशक्तिकरण, पैरा एथलेटिक्स तथा भारत की खेल उपलब्धियों से संबंधित है। प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) में पैरा एथलेटिक्स, वर्गीकरण प्रणाली (F/T Classes), राष्ट्रमंडल खेल, प्रमुख भारतीय पैरा खिलाड़ी एवं हाल की खेल उपलब्धियाँ पूछी जा सकती हैं। मुख्य परीक्षा (GS-II एवं GS-III) में दिव्यांगजनों का सशक्तिकरण, खेलों में समावेशन, खेल अवसंरचना, सामाजिक न्याय तथा भारत की खेल नीति के संदर्भ में इस विषय का विश्लेषण महत्वपूर्ण है।