अंतर्राष्ट्रीय मित्रता दिवस 2026: शांति, सद्भाव और वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देने का प्रतीक
अंतर्राष्ट्रीय मित्रता दिवस प्रतिवर्ष 30 जुलाई को मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य देशों, संस्कृतियों और समुदायों के बीच मित्रता, शांति, सहिष्णुता एवं सहयोग को बढ़ावा देना है। संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) ने 27 अप्रैल 2011 को प्रस्ताव 65/275 के माध्यम से इस दिवस की घोषणा की थी। यह दिवस सांस्कृतिक आदान-प्रदान, अंतरधार्मिक संवाद, युवा सहभागिता और वैश्विक सहयोग को प्रोत्साहित करता है। साथ ही, यह सतत विकास लक्ष्य (SDG-16: शांति, न्याय एवं सशक्त संस्थान तथा SDG-17: लक्ष्यों हेतु साझेदारी) की भावना को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
अंतर्राष्ट्रीय मित्रता दिवस (International Day of Friendship) प्रतिवर्ष 30 जुलाई को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य विभिन्न देशों, संस्कृतियों, समुदायों और व्यक्तियों के बीच मित्रता, शांति, परस्पर सम्मान, सहिष्णुता और सहयोग को बढ़ावा देना है। यह दिवस संवाद और आपसी विश्वास के माध्यम से वैश्विक शांति स्थापित करने पर बल देता है।
संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषणा
संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) ने 27 अप्रैल 2011 को पारित प्रस्ताव 65/275 के माध्यम से 30 जुलाई को अंतर्राष्ट्रीय मित्रता दिवस के रूप में घोषित किया। संयुक्त राष्ट्र का मानना है कि मित्रता सामाजिक समरसता, संघर्षों की रोकथाम तथा सतत शांति की स्थापना का प्रभावी माध्यम है।
वैश्विक महत्व
यह दिवस विभिन्न देशों के लोगों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान, अंतरधार्मिक संवाद, युवा सहभागिता और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को प्रोत्साहित करता है। वैश्वीकरण के दौर में यह सामाजिक एकता, मानवता और साझा जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) से संबंध
अंतर्राष्ट्रीय मित्रता दिवस संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) विशेष रूप से SDG 16 (Peace, Justice and Strong Institutions) तथा SDG 17 (Partnerships for the Goals) की भावना को सुदृढ़ करता है। यह समावेशी समाज, शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व और वैश्विक साझेदारी को बढ़ावा देने का संदेश देता है।
UPSC परीक्षा की दृष्टि से महत्व
यह विषय महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय दिवस, संयुक्त राष्ट्र, वैश्विक शासन, सामाजिक समरसता, सतत विकास लक्ष्य (SDGs) तथा भारत की 'वसुधैव कुटुम्बकम्' की अवधारणा से संबंधित है। प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) में महत्वपूर्ण दिवस, UNGA के प्रस्ताव, SDGs तथा संयुक्त राष्ट्र से जुड़े तथ्य पूछे जा सकते हैं। मुख्य परीक्षा (GS-II) में वैश्विक शांति, बहुपक्षवाद (Multilateralism), सांस्कृतिक कूटनीति, सामाजिक सद्भाव एवं अंतरराष्ट्रीय सहयोग के संदर्भ में इसका महत्व पूछा जा सकता है।