कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: लवप्रीत सिंह ने भारोत्तोलन में रजत पदक जीतकर भारत का गौरव बढ़ाया
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के 28 वर्षीय भारोत्तोलक लवप्रीत सिंह ने पुरुषों के 110 किलोग्राम से अधिक भार वर्ग में कुल 388 किलोग्राम (176 किग्रा स्नैच + 212 किग्रा क्लीन एंड जर्क) भार उठाकर रजत पदक जीता। स्नैच स्पर्धा में 176 किलोग्राम भार उठाकर उन्होंने नया कॉमनवेल्थ गेम्स रिकॉर्ड भी बनाया। हालांकि क्लीन एंड जर्क में न्यूज़ीलैंड के डेविड लिट्टी ने 389 किलोग्राम भार उठाकर मात्र 1 किलोग्राम के अंतर से स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। लवप्रीत का प्रदर्शन भारतीय भारोत्तोलन की बढ़ती क्षमता और अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की मजबूत उपस्थिति का प्रतीक माना जा रहा है।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के 28 वर्षीय भारोत्तोलक लवप्रीत सिंह ने पुरुषों के 110 किलोग्राम से अधिक (Super Heavyweight) भार वर्ग में रजत पदक जीता। उन्होंने कुल 388 किलोग्राम (176 किग्रा स्नैच + 212 किग्रा क्लीन एंड जर्क) भार उठाया। न्यूज़ीलैंड के डेविड लिट्टी ने 389 किलोग्राम भार उठाकर मात्र 1 किलोग्राम के अंतर से स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
स्नैच में राष्ट्रमंडल खेलों का नया रिकॉर्ड
लवप्रीत सिंह ने स्नैच स्पर्धा में 168 किग्रा, 173 किग्रा तथा अंतिम प्रयास में 176 किलोग्राम भार उठाकर नया कॉमनवेल्थ गेम्स रिकॉर्ड स्थापित किया। इस प्रदर्शन के कारण उन्हें क्लीन एंड जर्क चरण से पहले 10 किलोग्राम की बढ़त प्राप्त हुई, जिससे वे स्वर्ण पदक के प्रमुख दावेदार बन गए।
क्लीन एंड जर्क में मुकाबले का निर्णायक मोड़
क्लीन एंड जर्क स्पर्धा में डेविड लिट्टी ने शानदार वापसी करते हुए 223 किलोग्राम का गेम्स रिकॉर्ड बनाया। दूसरी ओर लवप्रीत ने 205 और 212 किलोग्राम सफलतापूर्वक उठाया। स्वर्ण जीतने के लिए उन्हें अंतिम प्रयास में 217 किलोग्राम उठाना था, लेकिन वे इसमें सफल नहीं हो सके और उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
भारत के लिए उपलब्धि का महत्व
इस स्पर्धा के साथ भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की भारोत्तोलन प्रतियोगिता में अपने पदकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि की। सुपर हेवीवेट वर्ग में लवप्रीत का प्रदर्शन भारतीय भारोत्तोलन की निरंतर प्रगति तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को दर्शाता है।
UPSC परीक्षा की दृष्टि से महत्व
कॉमनवेल्थ गेम्स भारत के लिए एक महत्वपूर्ण बहु-खेल आयोजन है, जिसमें भारोत्तोलन परंपरागत रूप से भारत का मजबूत खेल रहा है। UPSC प्रारंभिक परीक्षा में खिलाड़ियों, पदकों, खेल आयोजनों, रिकॉर्ड तथा भारत के प्रदर्शन से संबंधित तथ्य पूछे जा सकते हैं, जबकि मुख्य परीक्षा में खेल नीति, खेल अवसंरचना, प्रतिभा विकास तथा भारत की खेल कूटनीति के संदर्भ में प्रश्न पूछे जा सकते हैं।