भारत में बाघों की संख्या 3,682 पहुँची, संरक्षण मॉडल बना वैश्विक उदाहरण
29 जुलाई 2026 को वैश्विक बाघ दिवस के अवसर पर भारत ने बाघ संरक्षण में अपनी उल्लेखनीय उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए बताया कि देश में बाघों की संख्या 3,682 तथा 58 टाइगर रिजर्व हो चुके हैं। वैज्ञानिक प्रबंधन, सामुदायिक भागीदारी और आवास संरक्षण के माध्यम से भारत वैश्विक बाघ संरक्षण में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। इस अवसर पर राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) ने सभी टाइगर रिजर्व के लिए एकीकृत इको-टूरिज्म वेबपेज भी लॉन्च किया, जिससे सतत पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। हालांकि, अवैध शिकार, आवास विनाश, मानव-वन्यजीव संघर्ष और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियाँ अभी भी बाघ संरक्षण के सामने प्रमुख बनी हुई हैं।
29 जुलाई 2026 को वैश्विक बाघ दिवस (Global Tiger Day) के अवसर पर केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने भारत में बाघ संरक्षण की उल्लेखनीय उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारत में बाघों की संख्या बढ़कर 3,682 हो गई है तथा देश में 58 टाइगर रिजर्व स्थापित हो चुके हैं। यह उपलब्धि भारत को वैश्विक बाघ संरक्षण का अग्रणी देश बनाती है।
भारत की बाघ संरक्षण रणनीति
पिछले एक दशक में भारत ने वैज्ञानिक प्रबंधन (Scientific Management), सामुदायिक भागीदारी (Community Participation), आवास संरक्षण (Habitat Conservation) तथा कड़े वन्यजीव संरक्षण कानूनों के माध्यम से बाघ संरक्षण को मजबूत किया है। इसके साथ ही राष्ट्रीय उद्यानों, वन्यजीव अभयारण्यों, हाथी रिजर्व, संरक्षित क्षेत्रों, सामुदायिक रिजर्व और आर्द्रभूमियों (Wetlands) का भी विस्तार किया गया है, जिससे संपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र को लाभ मिला है।
NTCA की नई पहल: एकीकृत इको-टूरिज्म वेबपेज
राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) ने सभी टाइगर रिजर्व के लिए एक एकीकृत इको-टूरिज्म वेबपेज लॉन्च किया है। यह मंच आधिकारिक टाइगर रिजर्व वेबसाइटों, ऑनलाइन सफारी बुकिंग, आवास सुविधा तथा सत्यापित पर्यटन जानकारी उपलब्ध कराएगा। इसका उद्देश्य जिम्मेदार (Responsible) एवं सतत (Sustainable) इको-टूरिज्म को बढ़ावा देना तथा पर्यावरण संरक्षण के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना है।
वैश्विक बाघ दिवस का महत्व
विश्व बाघ दिवस प्रतिवर्ष 29 जुलाई को मनाया जाता है। इसकी शुरुआत 2010 के सेंट पीटर्सबर्ग टाइगर समिट में हुई थी, जहाँ 13 Tiger Range Countries (TRCs) ने Global Tiger Recovery Program (GTRP) अपनाया और TX2 लक्ष्य निर्धारित किया, जिसका उद्देश्य वर्ष 2022 तक विश्व में जंगली बाघों की संख्या दोगुनी करना था। भारत इस वैश्विक संरक्षण प्रयास में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
बाघ संरक्षण की प्रमुख चुनौतियाँ
उल्लेखनीय प्रगति के बावजूद बाघ संरक्षण के समक्ष अवैध शिकार (Poaching), अवैध वन्यजीव व्यापार, आवास विनाश एवं विखंडन (Habitat Loss & Fragmentation), मानव-वन्यजीव संघर्ष तथा जलवायु परिवर्तन जैसी गंभीर चुनौतियाँ बनी हुई हैं। इन समस्याओं के समाधान के लिए वैज्ञानिक अनुसंधान, आधुनिक निगरानी तकनीक और स्थानीय समुदायों की भागीदारी आवश्यक है।
UPSC Value Addition
भारत आज विश्व के सर्वाधिक जंगली बाघों वाला देश है और Project Tiger, National Tiger Conservation Authority (NTCA) तथा International Big Cat Alliance (IBCA) जैसी पहलों के माध्यम से वैश्विक वन्यजीव संरक्षण में नेतृत्व कर रहा है। बाघ केवल एक प्रमुख प्रजाति (Flagship Species) नहीं, बल्कि वन पारिस्थितिकी तंत्र के स्वास्थ्य (Ecosystem Health) का महत्वपूर्ण संकेतक भी है। इसलिए बाघ संरक्षण, जैव विविधता संरक्षण, जलवायु अनुकूलन, पारिस्थितिक संतुलन और सतत विकास से सीधे जुड़ा विषय है, जो UPSC प्रारंभिक एवं मुख्य परीक्षा दोनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।