भारत–ओमान CEPA लागू: टैरिफ रेट कोटा (TRQ) व्यवस्था से द्विपक्षीय व्यापार को मिलेगा नया आयाम
भारत सरकार के विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने भारत–ओमान व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) के तहत टैरिफ रेट कोटा (TRQ) के आवंटन की प्रक्रिया अधिसूचित की है, जो 1 जून 2026 से प्रभावी है। इस समझौते के अंतर्गत निर्धारित कोटा तक चयनित उत्पादों के आयात पर रियायती या शून्य सीमा शुल्क का लाभ मिलेगा। रियायत प्राप्त करने के लिए आयातकों को Certificate of Origin प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। यह पहल भारत–ओमान के बीच व्यापार, निवेश, आर्थिक सहयोग और व्यापार सुगमता को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
भारत सरकार के विदेश व्यापार महानिदेशालय (Directorate General of Foreign Trade–DGFT) ने भारत–ओमान व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (Comprehensive Economic Partnership Agreement–CEPA) के अंतर्गत टैरिफ रेट कोटा (Tariff Rate Quota–TRQ) के आवंटन की प्रक्रिया अधिसूचित की है। यह समझौता 1 जून 2026 से प्रभावी हो चुका है और इसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश तथा आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देना है।
भारत–ओमान CEPA क्या है?
CEPA एक व्यापक मुक्त व्यापार समझौता (Free Trade Agreement–FTA) है, जिसके अंतर्गत दोनों देश चयनित वस्तुओं एवं सेवाओं पर सीमा शुल्क (Tariff) में कमी या समाप्ति, निवेश को प्रोत्साहन, व्यापार सुगमता तथा आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने पर सहमत होते हैं। इसका उद्देश्य द्विपक्षीय व्यापार को अधिक प्रतिस्पर्धी एवं संतुलित बनाना है।
टैरिफ रेट कोटा (TRQ) क्या है?
टैरिफ रेट कोटा (TRQ) ऐसी व्यापार व्यवस्था है जिसके अंतर्गत किसी उत्पाद की निर्धारित मात्रा तक आयात पर कम या शून्य सीमा शुल्क लगाया जाता है, जबकि निर्धारित कोटा से अधिक आयात पर सामान्य सीमा शुल्क लागू होता है। यह व्यवस्था व्यापार उदारीकरण और घरेलू उद्योगों के संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करने का महत्वपूर्ण माध्यम मानी जाती है।
CEPA के अंतर्गत प्रमुख उत्पाद
भारत–ओमान CEPA के तहत खजूर, संगमरमर एवं ट्रैवर्टीन, तांबे का वेल्डिंग तार, एल्यूमिनियम इंगट, बिलेट एवं तार, एथिलीन ग्लाइकॉल, रेखीय एल्काइल बेंजीन (LAB), लो-डेंसिटी पॉलीएथिलीन (LDPE) तथा अन्य चयनित पेट्रोकेमिकल उत्पादों को TRQ व्यवस्था के अंतर्गत रियायती सीमा शुल्क का लाभ मिलेगा। इससे भारत के उद्योगों को कच्चे माल की उपलब्धता तथा लागत में कमी का लाभ मिल सकता है।
DGFT एवं मूल प्रमाण पत्र (Certificate of Origin) की भूमिका
इस व्यवस्था के अनुसार, रियायती सीमा शुल्क का लाभ प्राप्त करने के लिए आयातकों को ओमान के सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी मूल प्रमाण पत्र (Certificate of Origin) प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। यह प्रमाणित करता है कि संबंधित वस्तु वास्तव में ओमान में उत्पन्न हुई है तथा CEPA के नियमों का पालन करती है। DGFT भारत में इस प्रक्रिया के क्रियान्वयन, कोटा आवंटन तथा विदेश व्यापार नीति के संचालन के लिए उत्तरदायी संस्था है।
UPSC दृष्टिकोण से महत्व
यह विषय मुक्त व्यापार समझौते (FTA), CEPA, विदेश व्यापार नीति, सीमा शुल्क, DGFT, टैरिफ एवं गैर-टैरिफ उपाय, Certificate of Origin, WTO के व्यापार सिद्धांत तथा भारत की व्यापार कूटनीति से संबंधित है। प्रारंभिक परीक्षा में CEPA, FTA, TRQ, DGFT तथा Certificate of Origin से जुड़े तथ्य पूछे जा सकते हैं। मुख्य परीक्षा (GS Paper III) में निर्यात संवर्धन, व्यापार उदारीकरण, आर्थिक कूटनीति, वैश्विक मूल्य श्रृंखला (Global Value Chain) तथा भारत के द्विपक्षीय व्यापार समझौतों के संदर्भ में इसका विश्लेषणात्मक महत्व अत्यधिक है।