EPFO की ‘विश्वास 2026’ योजना: सामाजिक सुरक्षा अनुपालन एवं विवाद निपटान की नई पहल
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अंतर्गत ‘विश्वास 2026’ नामक एकमुश्त विवाद निपटान योजना शुरू की है, जो 29 जून 2026 से छह माह तक लागू रहेगी। यह योजना EPF एवं MP अधिनियम, 1952 और सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 के तहत लंबित दंड एवं हर्जाना संबंधी विवादों के शीघ्र समाधान तथा स्वैच्छिक अनुपालन को बढ़ावा देने के लिए लाई गई है। योजना में पात्र मामलों के लिए दंड एवं हर्जाने की दरों में रियायत दी गई है, जबकि धोखाधड़ी और वैधानिक शर्तों का पालन न करने वाले मामलों को इससे बाहर रखा गया है। आवेदन EPFO के ऑनलाइन पोर्टल पर डिजिटल माध्यम से किए जाएंगे तथा सहायता के लिए विशेष ‘विश्वास प्रकोष्ठ’ भी स्थापित किए गए हैं।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अंतर्गत ‘विश्वास 2026’ (VISHWAS 2026) नामक एकमुश्त (One-Time) विवाद निपटान योजना शुरू की है। इस योजना का उद्देश्य नियोक्ताओं और EPFO के बीच लंबित विवादों का त्वरित समाधान, मुकदमेबाजी में कमी तथा स्वैच्छिक अनुपालन (Voluntary Compliance) को बढ़ावा देना है। यह योजना 29 जून 2026 से अधिसूचित होकर छह माह तक प्रभावी रहेगी।
योजना का उद्देश्य एवं कानूनी आधार
यह योजना कर्मचारी भविष्य निधि एवं विविध उपबंध अधिनियम, 1952 (EPF & MP Act, 1952) की धारा 14B के अंतर्गत लगाए गए हर्जाने (Damages) तथा सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 (Code on Social Security, 2020) की धारा 128 के अंतर्गत दंड संबंधी विवादों के निपटान के लिए लाई गई है। इसका उद्देश्य लंबित मामलों का शीघ्र समाधान, नियोक्ताओं को नियमों के पालन हेतु प्रोत्साहित करना तथा सामाजिक सुरक्षा प्रशासन को अधिक प्रभावी बनाना है।
योजना की प्रमुख विशेषताएँ
विश्वास 2026 के अंतर्गत लंबित न्यायालयीन मामले, अंतिम आदेश जारी होने के बाद वसूली लंबित मामले, नोटिस जारी लेकिन अंतिम आदेश लंबित मामले तथा नोटिस जारी न होने वाले पात्र मामले शामिल किए गए हैं। योजना के तहत 14 जून 2024 से पूर्व की चूकों के लिए हर्जाने एवं दंड की दरों में उल्लेखनीय कमी की गई है, जिससे विवादों के सौहार्दपूर्ण समाधान को प्रोत्साहन मिलेगा।
पात्रता एवं अपवाद
योजना का लाभ लेने के लिए नियोक्ताओं को वैधानिक ब्याज (Statutory Interest) का पूर्ण भुगतान करना होगा तथा यह घोषणा करनी होगी कि निपटाए गए मामलों में आगे कोई अपील नहीं करेंगे। वहीं धोखाधड़ी, जानबूझकर तथ्य छिपाने, वैधानिक ब्याज जमा न करने अथवा पहले से अंतिम रूप से तय देयता वाले मामलों को इस योजना से बाहर रखा गया है।
प्रशासनिक एवं डिजिटल पहल
विश्वास 2026 के अंतर्गत आवेदन EPFO के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से DSC/E-Sign द्वारा किए जाएंगे। दस्तावेजों का डिजिटल सत्यापन, ऑनलाइन भुगतान एवं इलेक्ट्रॉनिक निपटान आदेश की व्यवस्था की गई है। साथ ही EPFO ने क्षेत्रीय, आंचलिक एवं जिला कार्यालयों में विशेष ‘विश्वास प्रकोष्ठ’ (VISHWAS Cells) स्थापित किए हैं, जो नियोक्ताओं को आवेदन, सत्यापन एवं विवाद निपटान में सहायता प्रदान करेंगे।
UPSC के लिए महत्व
यह योजना UPSC प्रारंभिक परीक्षा में EPFO, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020, EPF & MP Act 1952, श्रमिक कल्याण एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से संबंधित प्रश्नों के लिए महत्वपूर्ण है। मुख्य परीक्षा (GS-II एवं GS-III) में इसे श्रम सुधार, ई-गवर्नेंस, सामाजिक सुरक्षा, औपचारिक रोजगार, Ease of Doing Business, अनुपालन सुधार तथा प्रशासनिक दक्षता के संदर्भ में जोड़ा जा सकता है। यह योजना भारत में श्रम प्रशासन को अधिक पारदर्शी, डिजिटल और विवाद-मुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।