मैत्री दिवस (Friendship Day): मित्रता, सामाजिक समरसता और वैश्विक सहयोग का प्रतीक
मैत्री दिवस (Friendship Day) भारत सहित अनेक देशों में प्रत्येक वर्ष अगस्त के प्रथम रविवार को मनाया जाता है, जबकि 2026 में यह 2 अगस्त को मनाया जाएगा। इसका उद्देश्य मित्रता, आपसी विश्वास, सहयोग, सामाजिक समरसता और मानवीय संबंधों को मजबूत करना है। इसकी शुरुआत 1935 में संयुक्त राज्य अमेरिका से मानी जाती है, जबकि संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) ने 2011 में 30 जुलाई को अंतरराष्ट्रीय मैत्री दिवस (International Day of Friendship) घोषित किया। यह दिवस विभिन्न देशों, संस्कृतियों और समुदायों के बीच शांति, भाईचारे और वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देने का संदेश देता है।
मैत्री दिवस (Friendship Day) प्रत्येक वर्ष अगस्त के प्रथम रविवार को भारत सहित अनेक देशों में मनाया जाता है। वर्ष 2026 में यह 2 अगस्त को मनाया जाएगा। यह दिवस मित्रता, आपसी विश्वास, सहयोग, सामाजिक एकता तथा मानवीय संबंधों को मजबूत बनाने के उद्देश्य से मनाया जाता है। आधुनिक समय में यह युवाओं के साथ-साथ समाज में सकारात्मक सामाजिक संबंधों को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण अवसर बन गया है।
मैत्री दिवस का इतिहास
मैत्री दिवस मनाने की परंपरा 1935 में संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) से प्रारंभ हुई मानी जाती है। बाद में यह विश्व के अनेक देशों में लोकप्रिय हुआ। इसके अतिरिक्त संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) ने वर्ष 2011 में 30 जुलाई को International Day of Friendship घोषित किया, जिसका उद्देश्य विभिन्न देशों, संस्कृतियों और समुदायों के बीच शांति, संवाद और सहयोग को बढ़ावा देना है।
उद्देश्य एवं महत्व
मैत्री दिवस का मुख्य उद्देश्य लोगों के बीच विश्वास, सहिष्णुता, सहयोग और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देना है। यह दिवस विभिन्न संस्कृतियों, धर्मों और समुदायों के बीच आपसी सम्मान तथा भाईचारे की भावना को मजबूत करता है। वैश्विक स्तर पर यह शांति, सामाजिक समावेशन और मानवीय मूल्यों के प्रसार का भी प्रतीक है।
भारत में मैत्री दिवस
भारत में मैत्री दिवस मुख्यतः अगस्त के प्रथम रविवार को मनाया जाता है। इस अवसर पर लोग अपने मित्रों के प्रति सम्मान और स्नेह व्यक्त करते हैं, मित्रता बैंड बाँधते हैं तथा सामाजिक और डिजिटल माध्यमों से शुभकामनाएँ साझा करते हैं। यह दिवस विशेष रूप से युवाओं के बीच लोकप्रिय है, लेकिन इसका व्यापक संदेश सामाजिक एकता और सहयोग को बढ़ावा देना है।
UPSC परीक्षा की दृष्टि से महत्व
UPSC प्रारंभिक परीक्षा में महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय दिवस, उनके आयोजन की तिथि, उद्देश्य तथा उनसे संबंधित संयुक्त राष्ट्र संस्थाओं से प्रश्न पूछे जा सकते हैं। मुख्य परीक्षा में सामाजिक पूंजी (Social Capital), सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक कूटनीति तथा वैश्विक शांति के संदर्भ में मैत्री दिवस का महत्व जोड़ा जा सकता है।