भारत ने GitHub से Bitchat रिपॉजिटरी हटाने का दिया निर्देश: साइबर सुरक्षा, डिजिटल संप्रभुता और विकेंद्रीकृत संचार पर नई बहस
गृह मंत्रालय के अधीन भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) ने राष्ट्रीय सुरक्षा और साइबर अपराध संबंधी चिंताओं के आधार पर GitHub को ब्लूटूथ आधारित विकेंद्रीकृत मैसेजिंग प्लेटफॉर्म Bitchat की रिपॉजिटरी हटाने का निर्देश दिया है। Bitchat एक ओपन-सोर्स, पीयर-टू-पीयर मैसेजिंग प्रणाली है, जो Bluetooth Low Energy (BLE) Mesh Network पर बिना इंटरनेट, मोबाइल नेटवर्क या केंद्रीय सर्वर के कार्य करती है। सरकार का मानना है कि इसकी गुमनाम और विकेंद्रीकृत संरचना का दुरुपयोग आतंकवाद, साइबर अपराध, संगठित अपराध तथा फर्जी सूचना फैलाने जैसी गतिविधियों में किया जा सकता है। यह कार्रवाई सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 79(3)(b) तथा आईटी नियम, 2021 के नियम 3(1)(d) के तहत की गई है।
गृह मंत्रालय के अधीन कार्यरत भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (Indian Cyber Crime Coordination Centre - I4C) ने GitHub को ब्लूटूथ आधारित विकेंद्रीकृत मैसेजिंग प्लेटफॉर्म Bitchat से संबंधित रिपॉजिटरी हटाने का निर्देश दिया है। यह कार्रवाई राष्ट्रीय सुरक्षा, साइबर अपराध तथा कानून प्रवर्तन एजेंसियों के समक्ष उत्पन्न निगरानी संबंधी चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए की गई है। यह मामला भारत में साइबर सुरक्षा और डिजिटल शासन के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
Bitchat क्या है? (What is Bitchat?)
Bitchat एक ओपन-सोर्स, पीयर-टू-पीयर (Peer-to-Peer) मैसेजिंग प्रणाली है, जो Bluetooth Low Energy (BLE) Mesh Network पर कार्य करती है। इसमें संदेशों के आदान-प्रदान के लिए इंटरनेट, मोबाइल नेटवर्क या किसी केंद्रीकृत सर्वर की आवश्यकता नहीं होती। उपयोगकर्ता बिना मोबाइल नंबर, ईमेल या पंजीकरण के एन्क्रिप्टेड संदेश भेज सकते हैं। इसका उद्देश्य नेटवर्क विफलता या इंटरनेट बंद होने की स्थिति में भी संचार बनाए रखना है।
सरकार की प्रमुख चिंताएँ (Government Concerns)
सरकार का मानना है कि Bitchat की विकेंद्रीकृत (Decentralized) और गुमनाम (Anonymous) संरचना के कारण इसकी निगरानी करना कठिन है। ऐसी प्रणालियों का उपयोग आतंकवादी गतिविधियों, संगठित अपराध, साइबर अपराध, राष्ट्रविरोधी गतिविधियों तथा भ्रामक सूचना (Fake News) फैलाने के लिए किया जा सकता है। विशेष रूप से इंटरनेट बंद होने की स्थिति में भी इसका कार्य करना सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती उत्पन्न करता है।
कानूनी एवं नियामकीय आधार (Legal Framework)
GitHub को जारी निर्देश सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 79(3)(b) तथा सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशा-निर्देश एवं डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 के नियम 3(1)(d) के तहत जारी किया गया। इन प्रावधानों के अनुसार ऑनलाइन मध्यस्थों (Intermediaries) को सक्षम सरकारी आदेश मिलने पर आपत्तिजनक अथवा अवैध सामग्री को हटाने या उसकी उपलब्धता सीमित करने का दायित्व निभाना होता है।
UPSC परीक्षा की दृष्टि से प्रमुख तथ्य (Key Takeaways)
I4C (Indian Cyber Crime Coordination Centre) गृह मंत्रालय के अधीन साइबर अपराधों के समन्वय और रोकथाम हेतु कार्यरत प्रमुख संस्था है।
Bitchat एक Bluetooth Low Energy (BLE) Mesh Network आधारित विकेंद्रीकृत मैसेजिंग प्लेटफॉर्म है, जिसे इंटरनेट या केंद्रीय सर्वर की आवश्यकता नहीं होती।
सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा, साइबर अपराध नियंत्रण और कानून प्रवर्तन की चुनौतियों के आधार पर GitHub को रिपॉजिटरी हटाने का निर्देश दिया।
यह निर्देश सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 79(3)(b) तथा आईटी नियम, 2021 के नियम 3(1)(d) के तहत जारी किया गया।
यह प्रकरण एन्क्रिप्टेड संचार, डिजिटल गोपनीयता, मध्यस्थों की जिम्मेदारी (Intermediary Liability) और डिजिटल संप्रभुता जैसे UPSC के महत्वपूर्ण विषयों से संबंधित है।
साइबर सुरक्षा, डेटा संरक्षण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल शासन भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति तथा डिजिटल इंडिया के प्रमुख आयाम हैं, जिनका अध्ययन UPSC परीक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।