विश्व IVF दिवस: सहायक प्रजनन तकनीक (ART) के माध्यम से प्रजनन स्वास्थ्य में नई क्रांति
विश्व IVF दिवस प्रतिवर्ष 25 जुलाई को सहायक प्रजनन तकनीकों (ART) के महत्व, बांझपन के प्रति जागरूकता और वैज्ञानिक प्रजनन उपचार को बढ़ावा देने के लिए मनाया जाता है। IVF (इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन) में प्रयोगशाला में अंडाणु और शुक्राणु का निषेचन कर विकसित भ्रूण को महिला के गर्भाशय में प्रत्यारोपित किया जाता है। विश्व की पहली IVF शिशु लुईस ब्राउन का जन्म 25 जुलाई 1978 को हुआ था, जबकि भारत की पहली IVF शिशु कनुप्रिया (दुर्गा) थीं। भारत में IVF सेवाओं का नियमन ART (Regulation) Act, 2021 और Surrogacy (Regulation) Act, 2021 के तहत किया जाता है।
विश्व IVF दिवस (World IVF Day) प्रतिवर्ष 25 जुलाई को मनाया जाता है। यह दिवस इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन (In Vitro Fertilization–IVF) जैसी सहायक प्रजनन तकनीकों (Assisted Reproductive Technologies–ART) के महत्व, बांझपन (Infertility) के प्रति जागरूकता तथा सुरक्षित एवं वैज्ञानिक प्रजनन उपचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मनाया जाता है।
IVF क्या है?
IVF (In Vitro Fertilization) एक आधुनिक चिकित्सा तकनीक है, जिसमें महिला के अंडाणु (Egg) और पुरुष के शुक्राणु (Sperm) का निषेचन शरीर के बाहर प्रयोगशाला में कराया जाता है। निषेचित भ्रूण (Embryo) को विकसित होने के बाद महिला के गर्भाशय में प्रत्यारोपित किया जाता है। यह तकनीक उन दंपतियों के लिए उपयोगी है जो प्राकृतिक रूप से गर्भधारण करने में कठिनाई का सामना करते हैं।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
25 जुलाई 1978 को विश्व की पहली IVF शिशु लुईस ब्राउन (Louise Brown) का जन्म यूनाइटेड किंगडम में हुआ था। इस उपलब्धि का श्रेय वैज्ञानिक सर रॉबर्ट एडवर्ड्स और स्त्री रोग विशेषज्ञ पैट्रिक स्टेप्टो को दिया जाता है। भारत में पहली IVF शिशु कनुप्रिया उर्फ "दुर्गा" का जन्म 1978 में हुआ, जिसका श्रेय डॉ. सुभाष मुखोपाध्याय को दिया जाता है।
भारत में IVF एवं नियामक व्यवस्था
भारत में सहायक प्रजनन सेवाओं को Assisted Reproductive Technology (Regulation) Act, 2021 तथा Surrogacy (Regulation) Act, 2021 के माध्यम से विनियमित किया जाता है। इन कानूनों का उद्देश्य IVF क्लीनिकों का पंजीकरण, उपचार की गुणवत्ता, नैतिक मानकों तथा मरीजों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
सामाजिक एवं स्वास्थ्य संबंधी महत्व
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार बांझपन (Infertility) एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या है। IVF तकनीक प्रजनन अधिकारों को सशक्त बनाने, मातृ एवं प्रजनन स्वास्थ्य में सुधार, मानसिक एवं सामाजिक चुनौतियों को कम करने तथा परिवार निर्माण के नए अवसर प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
UPSC Prelims & Mains Facts
विश्व IVF दिवस: प्रतिवर्ष 25 जुलाई।
IVF का पूर्ण रूप: In Vitro Fertilization।
विश्व की पहली IVF शिशु: Louise Brown (1978, United Kingdom)।
भारत की पहली IVF शिशु: कनुप्रिया (दुर्गा), 1978; वैज्ञानिक डॉ. सुभाष मुखोपाध्याय।
भारत में IVF सेवाओं का नियमन ART (Regulation) Act, 2021 एवं Surrogacy (Regulation) Act, 2021 के तहत किया जाता है।
यह विषय GS Paper II (Health & Governance) तथा GS Paper III (Science & Technology – Biotechnology) के लिए महत्वपूर्ण है।