महात्मा ज्योतिराव फुले जन आरोग्य योजना (MJPJAY): महाराष्ट्र की कैशलेस स्वास्थ्य बीमा योजना और आयुष्मान भारत के साथ एकीकृत कवरेज
महात्मा ज्योतिराव फुले जन आरोग्य योजना (MJPJAY) महाराष्ट्र सरकार की कैशलेस स्वास्थ्य बीमा योजना है, जिसकी शुरुआत वर्ष 2012 में हुई थी और इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। इस योजना के तहत पात्र परिवारों को प्रति वर्ष ₹1.5 लाख तथा अंग प्रत्यारोपण के लिए ₹2.5 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा मिलता है, जबकि आयुष्मान भारत PM-JAY के साथ संयुक्त कवरेज ₹5 लाख तक हो सकता है। योजना में 996 उपचार एवं सर्जरी, 121 फॉलो-अप पैकेज और 34 चिकित्सा विशेषज्ञताओं का समावेश है। इसका लाभ महाराष्ट्र के पात्र राशन कार्डधारकों, किसानों, निर्माण श्रमिकों, पत्रकारों तथा अन्य निर्धारित श्रेणियों के लाभार्थियों को प्रदान किया जाता है।
महात्मा ज्योतिराव फुले जन आरोग्य योजना (MJPJAY) महाराष्ट्र सरकार की प्रमुख सार्वजनिक स्वास्थ्य बीमा योजना है, जिसकी शुरुआत वर्ष 2012 में राजीव गांधी जीवनदायी आरोग्य योजना के रूप में हुई थी। बाद में इसका नाम बदलकर महात्मा ज्योतिराव फुले के नाम पर रखा गया। इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर एवं वंचित वर्गों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं कैशलेस (Cashless) आधार पर उपलब्ध कराना तथा स्वास्थ्य व्यय के कारण होने वाली आर्थिक कठिनाइयों को कम करना है।
प्रमुख विशेषताएँ एवं कवरेज
इस योजना के अंतर्गत पात्र परिवारों को सूचीबद्ध सरकारी एवं निजी अस्पतालों में प्रति परिवार प्रति वर्ष ₹1.5 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा प्रदान किया जाता है, जबकि अंग प्रत्यारोपण (Organ Transplant) के मामलों में यह सीमा ₹2.5 लाख तक है। यदि कोई परिवार आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB PM-JAY) का भी पात्र है, तो दोनों योजनाओं के संयुक्त लाभ से ₹5 लाख प्रति परिवार प्रति वर्ष तक का स्वास्थ्य कवरेज प्राप्त किया जा सकता है।
लाभ, उपचार एवं पात्रता
योजना के अंतर्गत 996 चिकित्सा प्रक्रियाएँ एवं सर्जरी तथा 121 फॉलो-अप पैकेज शामिल हैं। इसमें सामान्य सर्जरी, हृदय रोग, कैंसर, न्यूरोसर्जरी, नेफ्रोलॉजी, प्रसूति एवं स्त्री रोग, ऑर्थोपेडिक्स, बाल रोग सहित 34 चिकित्सा विशेषज्ञताओं का उपचार उपलब्ध है। पात्रता मुख्यतः महाराष्ट्र के स्थायी निवासियों, पीले, अंत्योदय, अन्नपूर्णा एवं पात्र नारंगी राशन कार्डधारकों तथा किसानों, निर्माण श्रमिकों, पत्रकारों, अनाथालयों एवं आश्रम विद्यालयों के विद्यार्थियों जैसी विशेष श्रेणियों पर आधारित है।
UPSC परीक्षा की दृष्टि से महत्त्व
UPSC प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) में यह योजना सरकारी स्वास्थ्य बीमा योजनाओं, सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य क्षेत्र की पहल, संघीय शासन (Centre–State Welfare Schemes) तथा आयुष्मान भारत PM-JAY के साथ तुलना के रूप में पूछी जा सकती है। मुख्य परीक्षा (GS Paper-II) में इसे सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज (Universal Health Coverage-UHC), स्वास्थ्य समानता (Health Equity), सार्वजनिक स्वास्थ्य अवसंरचना तथा सामाजिक न्याय के संदर्भ में उद्धृत किया जा सकता है।