डॉ. श्रीनिवास कुमार तुम्माला बने पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (MoES) के नए सचिव – समुद्र विज्ञान, सुनामी चेतावनी एवं जलवायु सेवाओं को मिलेगा नया नेतृत्व
भारत सरकार ने डॉ. श्रीनिवास कुमार तुम्माला को पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (MoES) का नया सचिव नियुक्त किया है, जिनका कार्यकाल दो वर्ष अथवा अगले आदेश तक रहेगा। डॉ. तुम्माला 30 वर्षों से अधिक अनुभव वाले अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त समुद्र विज्ञानी हैं और उपग्रह समुद्र विज्ञान, जलवायु सेवाओं तथा आपदा प्रबंधन के विशेषज्ञ हैं। उन्होंने ESSO-INCOIS के निदेशक तथा UNESCO-IOC के अंतर्गत हिंद महासागर सुनामी चेतावनी एवं शमन प्रणाली (IOTWMS) के सचिवालय प्रमुख के रूप में कार्य करते हुए 28 देशों के बीच समुद्री आपदा समन्वय को सुदृढ़ किया। वर्ष 2004 की सुनामी के बाद भारतीय सुनामी प्रारंभिक चेतावनी केंद्र (ITEWC) के विकास में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही, जो आज हिंद महासागर क्षेत्र के लिए विश्वस्तरीय Tsunami Service Provider (TSP) के रूप में कार्य कर रहा है।
भारत सरकार की कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने डॉ. श्रीनिवास कुमार तुम्माला को पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (Ministry of Earth Sciences - MoES) का नया सचिव नियुक्त किया है। उनका कार्यकाल कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से दो वर्ष अथवा अगले आदेश तक (जो पहले हो) रहेगा। यह नियुक्ति भारत की समुद्र विज्ञान, मौसम विज्ञान, जलवायु परिवर्तन, महासागर संसाधन प्रबंधन तथा आपदा पूर्व चेतावनी प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
डॉ. श्रीनिवास कुमार तुम्माला का परिचय
डॉ. तुम्माला एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित समुद्र विज्ञानी (Oceanographer) एवं विज्ञान प्रशासक हैं। उन्हें 30 वर्षों से अधिक का अनुभव उपग्रह समुद्र विज्ञान (Satellite Oceanography), रिमोट सेंसिंग, महासागर अवलोकन प्रणाली, जलवायु सेवाओं, तटीय आपदा प्रबंधन, समुद्री संसाधन मूल्यांकन तथा आपदा जोखिम न्यूनीकरण जैसे क्षेत्रों में प्राप्त है।
प्रमुख संस्थागत एवं अंतरराष्ट्रीय योगदान
डॉ. तुम्माला ने ESSO-INCOIS (Indian National Centre for Ocean Information Services), हैदराबाद के निदेशक के रूप में कार्य किया तथा यूनेस्को-आईओसी (UNESCO-IOC) के अंतर्गत हिंद महासागर सुनामी चेतावनी एवं शमन प्रणाली (IOTWMS) के सचिवालय का नेतृत्व किया। उनके नेतृत्व में हिंद महासागर क्षेत्र के 28 देशों में सुनामी तैयारी एवं समन्वय को मजबूत किया गया।
भारत की सुनामी चेतावनी प्रणाली में योगदान
वर्ष 2004 की हिंद महासागर सुनामी के बाद भारत में स्थापित भारतीय सुनामी प्रारंभिक चेतावनी केंद्र (Indian Tsunami Early Warning Centre - ITEWC) की स्थापना और विकास में डॉ. तुम्माला की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आज यह केंद्र विश्व की सबसे उन्नत सुनामी चेतावनी प्रणालियों में से एक है तथा हिंद महासागर क्षेत्र के देशों के लिए Tsunami Service Provider (TSP) के रूप में सेवाएँ प्रदान करता है।
UPSC के लिए संस्थागत तथ्य
पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (MoES) भारत में मौसम पूर्वानुमान, जलवायु अध्ययन, समुद्र विज्ञान, भूकंप विज्ञान, ध्रुवीय अनुसंधान, महासागर संसाधन विकास तथा गहरे समुद्र मिशन (Deep Ocean Mission) जैसी प्रमुख राष्ट्रीय पहलों का नोडल मंत्रालय है। इसके अंतर्गत IMD, INCOIS, NCMRWF, NIOT, NCCR तथा National Centre for Polar and Ocean Research (NCPOR) जैसे महत्वपूर्ण संस्थान कार्य करते हैं।