MoSPI ने भारत का पहला मासिक सेवा उत्पादन सूचकांक (ISP) जारी किया: सेवा क्षेत्र की निगरानी को मिलेगा नया आधार
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) ने आधार वर्ष 2024-25 के साथ भारत का पहला मासिक सेवा उत्पादन सूचकांक (ISP) प्रायोगिक रूप में जारी किया है, जो 19 सेवा उप-क्षेत्रों तथा सेवा अर्थव्यवस्था के लगभग 60% हिस्से को कवर करता है। यह सूचकांक औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) की तर्ज पर सेवा क्षेत्र की मासिक आर्थिक गतिविधियों का आकलन करेगा और साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण में सहायक होगा। अप्रैल 2026 की पहली रिपोर्ट में 19 में से 14 सेवा उप-क्षेत्रों ने दोहरे अंकों की वृद्धि दर्ज की, जबकि हवाई एवं रेल परिवहन में गिरावट देखी गई। MoSPI इस सूचकांक को प्रत्येक माह की 29 तारीख को जारी करेगा, जिससे सरकार, RBI, निवेशकों और शोधकर्ताओं को समयबद्ध आर्थिक संकेतक उपलब्ध होंगे।
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) ने भारत का पहला मासिक सेवा उत्पादन सूचकांक (Index of Service Production–ISP) प्रायोगिक (Experimental) रूप में जारी किया है। इसका आधार वर्ष 2024-25 निर्धारित किया गया है। यह सूचकांक भारत के औपचारिक (Formal) सेवा क्षेत्र की मासिक आर्थिक गतिविधियों का अल्पकालिक आकलन प्रस्तुत करता है और वर्तमान में 19 सेवा उप-क्षेत्रों को कवर करता है, जो देश के सेवा क्षेत्र के लगभग 60% हिस्से का प्रतिनिधित्व करते हैं।
सेवा उत्पादन सूचकांक (ISP) का महत्व
ISP, औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) की तर्ज पर विकसित किया गया है, लेकिन इसका उद्देश्य सेवा क्षेत्र के उत्पादन और प्रदर्शन को मापना है। चूँकि भारत के सकल मूल्य वर्धित (GVA) में सेवा क्षेत्र का योगदान 50% से अधिक है, इसलिए यह सूचकांक आर्थिक गतिविधियों की समयबद्ध निगरानी, अल्पकालिक आर्थिक विश्लेषण तथा साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रथम रिपोर्ट के प्रमुख निष्कर्ष
अप्रैल 2026 के आँकड़ों पर आधारित पहली रिपोर्ट के अनुसार 19 में से 14 सेवा उप-क्षेत्रों ने दोहरे अंकों (Double-digit) की वार्षिक वृद्धि दर्ज की। सर्वाधिक वृद्धि आवास एवं भोजन सेवाएँ (37.2%), खुदरा व्यापार (30.8%), प्रशासनिक एवं सहायक सेवाएँ (28.7%), रियल एस्टेट (27.7%) तथा दूरसंचार सेवाएँ (22.8%) में दर्ज की गई। वहीं हवाई परिवहन (-13.9%) तथा रेल परिवहन (-0.4%) में गिरावट दर्ज की गई।
ISP के निर्माण की प्रक्रिया
ISP का विकास मई 2025 में गठित तकनीकी सलाहकार समिति (Technical Advisory Committee–TAC-ISP) के मार्गदर्शन में किया गया। इसकी गणना के लिए GST डेटा, प्रशासनिक अभिलेख (रेलवे, बैंकिंग, बीमा, विमानन आदि) तथा Annual Survey of Incorporated Sector Service Enterprises (ASISSE) के आँकड़ों का उपयोग किया गया है। विभिन्न आधिकारिक स्रोतों के समेकित उपयोग से सूचकांक की विश्वसनीयता और सटीकता बढ़ती है।
आर्थिक एवं नीतिगत महत्व
ISP भारत के सेवा क्षेत्र के प्रदर्शन का नियमित और समयबद्ध संकेतक उपलब्ध कराएगा। इससे सरकार, भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI), नीति आयोग, निवेशकों, उद्योगों तथा शोधकर्ताओं को आर्थिक गतिविधियों का त्वरित आकलन करने, नीतिगत निर्णय लेने तथा भविष्य की आर्थिक प्रवृत्तियों का विश्लेषण करने में सहायता मिलेगी। MoSPI इसे प्रत्येक माह की 29 तारीख को जारी करने की योजना बना रहा है।
UPSC परीक्षा की दृष्टि से महत्व
UPSC प्रारंभिक एवं मुख्य परीक्षा में MoSPI, सकल मूल्य वर्धित (GVA), सेवा क्षेत्र, IIP, आर्थिक संकेतक (Economic Indicators), सरकारी सूचकांक तथा सांख्यिकीय सर्वेक्षण से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं। ISP भारत के सेवा क्षेत्र का पहला आधिकारिक मासिक उत्पादन सूचकांक है, इसलिए यह समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ भारतीय अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण विषयों में शामिल है।