महाराष्ट्र में राष्ट्रीय ई-विधान एप्लीकेशन (NeVA) का कार्यान्वयन: डिजिटल एवं पेपरलेस विधानमंडल की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
महाराष्ट्र सरकार ने राष्ट्रीय ई-विधान एप्लीकेशन (NeVA) के कार्यान्वयन में तेजी लाने का निर्णय लिया है, जो डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के अंतर्गत संसदीय कार्य मंत्रालय की एक मिशन मोड परियोजना है। इसका उद्देश्य विधानसभा एवं विधान परिषद की कार्यवाही को पूर्णतः डिजिटल, पारदर्शी, पेपरलेस और अधिक कुशल बनाना है। राष्ट्रीय स्तर पर इस परियोजना के लिए ₹673.94 करोड़ तथा महाराष्ट्र में लगभग ₹48 करोड़ की लागत निर्धारित की गई है। NeVA के माध्यम से विधायी प्रक्रियाओं का डिजिटलीकरण, ई-गवर्नेंस को बढ़ावा, प्रशासनिक दक्षता में वृद्धि और नागरिकों की भागीदारी को सशक्त बनाने का लक्ष्य है।
सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (Serum Institute of India - SII) और गेट्स मेडिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट (Gates महाराष्ट्र सरकार ने राष्ट्रीय ई-विधान एप्लीकेशन (National e-Vidhan Application – NeVA) के कार्यान्वयन में तेजी लाने का निर्णय लिया है। यह परियोजना भारत सरकार के संसदीय कार्य मंत्रालय द्वारा डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित की जा रही है। इसका उद्देश्य महाराष्ट्र विधानसभा एवं विधान परिषद की कार्यवाही को पूर्णतः डिजिटल बनाना तथा विधायी प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी, कुशल एवं नागरिक-अनुकूल बनाना है।
NeVA क्या है?
राष्ट्रीय ई-विधान एप्लीकेशन (NeVA) एक मिशन मोड परियोजना (Mission Mode Project) है, जिसका उद्देश्य देश की सभी 37 राज्य एवं केंद्रशासित प्रदेशों की विधानसभाओं/विधान परिषदों के कार्यों को एकीकृत डिजिटल मंच पर लाना है। यह परियोजना "One Nation, One Application" की अवधारणा पर आधारित है, जिसके माध्यम से प्रश्न, विधेयक, कार्यसूची, दस्तावेज तथा अन्य विधायी कार्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से संचालित किए जाते हैं।
महाराष्ट्र में कार्यान्वयन
मुंबई स्थित विधान भवन में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में भारत सरकार के संसदीय कार्य मंत्रालय, महाराष्ट्र सरकार के संसदीय कार्य विभाग तथा महाराष्ट्र विधानमंडल सचिवालय ने NeVA के प्रभावी कार्यान्वयन हेतु आवश्यक समझौता ज्ञापन (MoU) की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की। यह परियोजना मुंबई एवं नागपुर विधानमंडल परिसरों, महाराष्ट्र विधानसभा तथा विधान परिषद में लागू की जाएगी।
वित्तीय एवं तकनीकी पहलू
राष्ट्रीय स्तर पर NeVA परियोजना के लिए ₹673.94 करोड़ का प्रावधान किया गया है। महाराष्ट्र में इसके कार्यान्वयन की अनुमानित लागत लगभग ₹48 करोड़ है। इस राशि का उपयोग डिजिटल अवसंरचना, सॉफ्टवेयर विकास, क्षमता निर्माण (Capacity Building), प्रशिक्षण तथा तकनीकी सहायता के लिए किया जाएगा।
प्रमुख लाभ एवं महत्व
NeVA के माध्यम से पेपरलेस विधानमंडल (Paperless Legislature) की स्थापना होगी, जिससे कागज़ की खपत में कमी, विधायी कार्यों में गति, पारदर्शिता, अभिलेखों का डिजिटल संरक्षण तथा जनसुलभता में वृद्धि होगी। यह परियोजना ई-गवर्नेंस को सुदृढ़ करने, प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने तथा पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी।
UPSC के लिए महत्व
NeVA UPSC प्रारंभिक परीक्षा में डिजिटल इंडिया, ई-गवर्नेंस, मिशन मोड परियोजनाएँ, संसदीय कार्य मंत्रालय तथा विधायी संस्थाओं के डिजिटलीकरण से जुड़े प्रश्नों के लिए महत्वपूर्ण है। मुख्य परीक्षा (GS-II) में इसे सुशासन (Good Governance), पारदर्शिता, डिजिटल प्रशासन, संस्थागत सुधार, नागरिक भागीदारी तथा विधायी आधुनिकीकरण के संदर्भ में जोड़ा जा सकता है। यह पहल भारत में डिजिटल लोकतंत्र (Digital Democracy) को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जाती है।