PGIMER चंडीगढ़ में उन्नत स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार: भारत की स्वास्थ्य अवसंरचना को नई मजबूती
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने PGIMER, चंडीगढ़ में एडवांस्ड मदर एंड चाइल्ड सेंटर तथा एडवांस्ड न्यूरोसाइंसेज सेंटर का उद्घाटन किया और PM-ABHIM के तहत 150 बिस्तरों वाले क्रिटिकल केयर ब्लॉक की आधारशिला रखी। नई स्वास्थ्य सुविधाओं से उत्तर भारत में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, न्यूरोलॉजी, आपातकालीन चिकित्सा, अनुसंधान और चिकित्सा शिक्षा को मजबूती मिलेगी। प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन का उद्देश्य सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली, ICU क्षमता और आपदा प्रबंधन को सुदृढ़ करना है। प्रधानमंत्री ने बताया कि 2014 के बाद 15 नए AIIMS, अनेक मेडिकल कॉलेज, 1.75 लाख से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर और ई-संजीवनी के माध्यम से करोड़ों टेलीमेडिसिन परामर्श जैसी महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल हुई हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (PGIMER), चंडीगढ़ में एडवांस्ड मदर एंड चाइल्ड सेंटर तथा एडवांस्ड न्यूरोसाइंसेज सेंटर का उद्घाटन किया। साथ ही प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (PM-ABHIM) के अंतर्गत 150 बिस्तरों वाले आधुनिक क्रिटिकल केयर ब्लॉक की आधारशिला रखी। इन परियोजनाओं का उद्देश्य उत्तर भारत में उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान को सुदृढ़ करना है।
प्रमुख संस्थान एवं नई स्वास्थ्य सुविधाएँ
PGIMER, चंडीगढ़ भारत के प्रमुख तृतीयक (Tertiary) चिकित्सा एवं अनुसंधान संस्थानों में से एक है। नए 300 बिस्तरों वाले एडवांस्ड मदर एंड चाइल्ड सेंटर में उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था, नवजात गहन चिकित्सा (NICU), बाल चिकित्सा एवं आधुनिक निदान सेवाएँ उपलब्ध होंगी। वहीं एडवांस्ड न्यूरोसाइंसेज सेंटर में न्यूरोलॉजी, न्यूरोसर्जरी, न्यूरो-क्रिटिकल केयर, अनुसंधान तथा चिकित्सा शिक्षा की अत्याधुनिक सुविधाएँ विकसित की गई हैं।
प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (PM-ABHIM)
PM-ABHIM का उद्देश्य भारत की सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को सुदृढ़ करना, आपदा एवं महामारी से निपटने की क्षमता बढ़ाना तथा स्वास्थ्य अवसंरचना का आधुनिकीकरण करना है। इसी मिशन के अंतर्गत 150 बिस्तरों वाले क्रिटिकल केयर ब्लॉक का निर्माण किया जाएगा, जिससे ICU क्षमता, आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं एवं आपदा प्रतिक्रिया तंत्र को मजबूती मिलेगी।
भारत के स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रमुख प्रगति
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में बताया कि 2014 के बाद 15 नए AIIMS को स्वीकृति दी गई, अनेक नए मेडिकल कॉलेज स्थापित किए गए तथा देशभर में 1.75 लाख से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर (Ayushman Arogya Mandirs) संचालित हो रहे हैं। इसके अतिरिक्त ई-संजीवनी (eSanjeevani) के माध्यम से करोड़ों टेलीमेडिसिन परामर्श प्रदान किए जा चुके हैं। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार तथा संस्थागत प्रसव में वृद्धि भी स्वास्थ्य क्षेत्र की प्रमुख उपलब्धियाँ हैं।
UPSC के लिए महत्व
यह समाचार UPSC प्रारंभिक परीक्षा में PM-ABHIM, PGIMER, आयुष्मान आरोग्य मंदिर, eSanjeevani, AIIMS विस्तार तथा स्वास्थ्य अवसंरचना से संबंधित प्रश्नों के लिए महत्वपूर्ण है। मुख्य परीक्षा (GS-II) में इसे सार्वजनिक स्वास्थ्य, स्वास्थ्य अवसंरचना, चिकित्सा शिक्षा, डिजिटल स्वास्थ्य, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा सतत विकास लक्ष्य (SDG-3: Good Health and Well-being) के संदर्भ में जोड़ा जा सकता है।