उत्तर प्रदेश ने लॉन्च किए ‘कौशल सेतु’ और ‘कौशल सारथी’ – डिजिटल कौशल विकास एवं रोजगार सशक्तिकरण की नई पहल
उत्तर प्रदेश सरकार ने विश्व युवा कौशल दिवस 2026 के अवसर पर उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (UPSDM) के तहत ‘कौशल सेतु’ और ‘कौशल सारथी’ नामक दो डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च किए हैं, जिनका उद्देश्य कौशल विकास एवं रोजगार सेवाओं का डिजिटलीकरण करना है। कौशल सेतु प्रशिक्षण संस्थानों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण एवं कागजरहित प्रशासनिक प्रक्रिया उपलब्ध कराता है, जबकि कौशल सारथी युवाओं को प्रशिक्षण केंद्रों, पाठ्यक्रमों और रोजगार अवसरों की जानकारी प्रदान करता है। राज्य सरकार ने KLK Private Limited और Winsome Textile Industries Limited के साथ समझौता कर AI, रोबोटिक्स और वस्त्र उद्योग जैसे क्षेत्रों में उद्योग-आधारित प्रशिक्षण एवं रोजगार को बढ़ावा देने की पहल की है। यह पहल डिजिटल गवर्नेंस, कौशल आधारित अर्थव्यवस्था, उद्योग-अकादमिक सहयोग और युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ SDG-4 एवं SDG-8 के लक्ष्यों को भी सुदृढ़ करती है।
उत्तर प्रदेश सरकार ने विश्व युवा कौशल दिवस 2026 के अवसर पर ‘कौशल सेतु’ और ‘कौशल सारथी’ नामक दो डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च किए हैं। इनका उद्देश्य कौशल विकास प्रणाली को पूर्णतः डिजिटल बनाना, प्रशिक्षण संस्थानों की प्रक्रियाओं में पारदर्शिता लाना तथा युवाओं को उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण एवं रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। यह पहल उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (UPSDM) के अंतर्गत लागू की गई है।
कौशल सेतु एवं कौशल सारथी की प्रमुख विशेषताएँ
कौशल सेतु प्रशिक्षण संस्थानों एवं प्रशिक्षण भागीदारों के लिए एक डिजिटल पोर्टल है, जिसके माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण, दस्तावेज़ अपलोड, आवेदन तथा अनुमोदन जैसी प्रक्रियाएँ कागजरहित (Paperless) तरीके से संचालित की जाएँगी। वहीं कौशल सारथी युवाओं, विद्यार्थियों एवं नौकरी चाहने वालों के लिए विकसित एक डिजिटल मंच है, जो राज्य के प्रशिक्षण केंद्रों, उपलब्ध पाठ्यक्रमों, प्रशिक्षण भागीदारों एवं रोजगार संबंधी अवसरों की जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराता है।
कौशल विकास एवं उद्योग सहभागिता
राज्य सरकार ने कौशल प्रशिक्षण को उद्योगों की आवश्यकताओं से जोड़ने के लिए KLK Private Limited तथा Winsome Textile Industries Limited के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) किए हैं। इन साझेदारियों का उद्देश्य उद्योग-आधारित प्रशिक्षण, इंटर्नशिप, रोजगार सहायता तथा कौशल उन्नयन को बढ़ावा देना है। विशेष रूप से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence - AI), रोबोटिक्स एवं वस्त्र उद्योग (Textile Sector) जैसे उभरते क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
विश्व युवा कौशल दिवस का महत्व
इन पोर्टलों का शुभारंभ 15 जुलाई – विश्व युवा कौशल दिवस (World Youth Skills Day) के अवसर पर किया गया। इस दिवस की स्थापना संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) ने वर्ष 2014 में की थी तथा इसका उद्देश्य युवाओं को रोजगार, उद्यमिता और सतत विकास के लिए आवश्यक कौशल प्रदान करने के महत्व को बढ़ावा देना है। यह दिवस सतत विकास लक्ष्य (SDG-4: गुणवत्तापूर्ण शिक्षा) तथा SDG-8: सम्मानजनक कार्य एवं आर्थिक वृद्धि से भी जुड़ा हुआ है।
शासन एवं आर्थिक महत्व
यह पहल डिजिटल गवर्नेंस (Digital Governance), ई-गवर्नेंस, कौशल आधारित अर्थव्यवस्था (Skill Economy) तथा रोजगारोन्मुख विकास को बढ़ावा देती है। डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से पारदर्शिता, प्रशासनिक दक्षता, प्रशिक्षण की गुणवत्ता तथा उद्योग-अकादमिक समन्वय में सुधार होगा। इससे युवाओं की रोजगार क्षमता (Employability) बढ़ेगी तथा राज्य की मानव पूंजी (Human Capital) को सशक्त बनाने में सहायता मिलेगी।
UPSC परीक्षा की दृष्टि से महत्व
यह विषय GS Paper-2 (शासन, ई-गवर्नेंस एवं सरकारी योजनाएँ) तथा GS Paper-3 (समावेशी विकास, कौशल विकास एवं रोजगार) के लिए महत्वपूर्ण है। प्रारंभिक परीक्षा में UPSDM, World Youth Skills Day, Skill India Mission, National Skill Development Mission (NSDM), PM Kaushal Vikas Yojana (PMKVY) तथा SDG-4 एवं SDG-8 से संबंधित तथ्य पूछे जा सकते हैं, जबकि मुख्य परीक्षा में कौशल विकास, डिजिटल गवर्नेंस, उद्योग-अकादमिक सहयोग एवं रोजगार सृजन पर विश्लेषणात्मक प्रश्न आने की संभावना रहती है।