हरजीत सिंह ग्रेवाल बने राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष: आयोग की भूमिका, संवैधानिक महत्व एवं शासन व्यवस्था
भारत सरकार ने हरजीत सिंह ग्रेवाल को राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग (NCM) का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है, जिन्होंने इकबाल सिंह लालपुरा का स्थान लिया है। राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग अधिनियम, 1992 के तहत गठित एक वैधानिक निकाय है, जो अधिसूचित अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा और सरकार को नीतिगत सलाह प्रदान करता है। ग्रेवाल वर्ष 1986 से भाजपा से जुड़े वरिष्ठ संगठनात्मक नेता हैं और भाजपा किसान मोर्चा सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। वे राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के तीसरे सिख अध्यक्ष तथा पंजाब से दूसरे व्यक्ति हैं जिन्हें इस पद पर नियुक्त किया गया है।
भारत सरकार ने भाजपा के वरिष्ठ नेता हरजीत सिंह ग्रेवाल को राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग (National Commission for Minorities - NCM) का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। उन्होंने इकबाल सिंह लालपुरा का स्थान लिया, जिनका कार्यकाल अप्रैल 2025 में समाप्त हो गया था। अध्यक्ष के रूप में उन्हें केंद्रीय मंत्रिमंडल मंत्री (Cabinet Minister) के समकक्ष दर्जा प्राप्त होगा।
राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग (NCM) – स्थापना एवं उद्देश्य
राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग एक वैधानिक निकाय (Statutory Body) है, जिसकी स्थापना राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग अधिनियम, 1992 के तहत की गई थी। इसका प्रमुख उद्देश्य भारत के अधिसूचित अल्पसंख्यक समुदायों के संवैधानिक एवं विधिक अधिकारों की रक्षा, उनके हितों की निगरानी तथा अल्पसंख्यक कल्याण संबंधी नीतियों पर केंद्र सरकार को सलाह देना है।
आयोग की प्रमुख शक्तियाँ एवं कार्य
राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग अल्पसंख्यकों को प्राप्त संवैधानिक एवं कानूनी संरक्षणों के क्रियान्वयन की समीक्षा करता है, अधिकारों के उल्लंघन से संबंधित शिकायतों की जांच करता है तथा सामाजिक, शैक्षिक एवं आर्थिक विकास हेतु आवश्यक नीतिगत सुझाव सरकार को प्रस्तुत करता है। आयोग समय-समय पर अपनी रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपता है।
हरजीत सिंह ग्रेवाल का परिचय एवं महत्व
हरजीत सिंह ग्रेवाल वर्ष 1986 में भारतीय जनता पार्टी से जुड़े और संगठनात्मक राजनीति में सक्रिय रहे। उन्होंने भाजपा किसान मोर्चा के संस्थापक, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष, पूर्व राष्ट्रीय महासचिव, भाजपा के पहले सिख राष्ट्रीय सचिव तथा राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य जैसे अनेक महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। वे राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष बनने वाले तीसरे सिख तथा पंजाब से दूसरे व्यक्ति हैं।
UPSC के लिए महत्व
यह समाचार भारतीय राजव्यवस्था, वैधानिक निकाय, अल्पसंख्यक अधिकार, समावेशी शासन (Inclusive Governance), सामाजिक न्याय तथा कल्याणकारी प्रशासन जैसे विषयों से संबंधित है। प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) में राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग की स्थापना, प्रकृति, अधिनियम एवं कार्य से प्रश्न पूछे जा सकते हैं, जबकि मुख्य परीक्षा (GS Paper-II) में अल्पसंख्यकों के अधिकारों की सुरक्षा, वैधानिक आयोगों की भूमिका तथा सुशासन के संदर्भ में यह विषय अत्यंत महत्वपूर्ण है।