राष्ट्रीय ध्वज दिवस: भारतीय तिरंगे का इतिहास, संवैधानिक महत्व एवं राष्ट्रीय पहचान
राष्ट्रीय ध्वज दिवस प्रत्येक वर्ष 22 जुलाई को मनाया जाता है, क्योंकि इसी दिन 1947 में संविधान सभा ने भारतीय तिरंगे को राष्ट्रीय ध्वज के रूप में अपनाया था। भारतीय तिरंगे का वर्तमान स्वरूप पिंगली वेंकैया द्वारा तैयार किए गए प्रारूप पर आधारित है, जिसमें केसरिया, श्वेत, हरा तथा मध्य में 24 तीलियों वाला अशोक चक्र शामिल है। तिरंगा साहस, शांति, समृद्धि तथा निरंतर प्रगति का प्रतीक माना जाता है। राष्ट्रीय ध्वज के उपयोग एवं सम्मान से संबंधित नियम भारतीय ध्वज संहिता, 2002 तथा राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण अधिनियम, 1971 के अंतर्गत निर्धारित किए गए हैं।
राष्ट्रीय ध्वज दिवस (National Flag Day) प्रत्येक वर्ष 22 जुलाई को मनाया जाता है। इसी दिन 22 जुलाई 1947 को संविधान सभा ने स्वतंत्र भारत के राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगा) को आधिकारिक रूप से अपनाया था। यह दिवस भारतीय राष्ट्रीय ध्वज के इतिहास, सम्मान और राष्ट्रीय एकता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से मनाया जाता है।
भारतीय राष्ट्रीय ध्वज का इतिहास
भारतीय तिरंगे का वर्तमान स्वरूप पिंगली वेंकैया द्वारा तैयार किए गए प्रारूप पर आधारित है। संविधान सभा ने इसे स्वतंत्र भारत के राष्ट्रीय ध्वज के रूप में स्वीकार किया। ध्वज में तीन समान क्षैतिज पट्टियाँ होती हैं— केसरिया, श्वेत और हरा। मध्य की श्वेत पट्टी में गहरे नीले रंग का 24 तीलियों वाला अशोक चक्र अंकित है, जिसे सारनाथ स्थित अशोक स्तंभ के धर्मचक्र से लिया गया है।
राष्ट्रीय ध्वज का प्रतीकात्मक महत्व
केसरिया रंग – साहस, त्याग और आत्मबल का प्रतीक।
श्वेत रंग – सत्य, शांति और पारदर्शिता का प्रतीक।
हरा रंग – समृद्धि, विकास और प्रकृति का प्रतीक।
अशोक चक्र – न्याय, धर्म, प्रगति और निरंतर गतिशीलता का प्रतीक।
राष्ट्रीय ध्वज से संबंधित महत्वपूर्ण प्रावधान
भारतीय राष्ट्रीय ध्वज के उपयोग और सम्मान से संबंधित नियम भारतीय ध्वज संहिता (Flag Code of India), 2002 में निर्धारित किए गए हैं। राष्ट्रीय ध्वज के अपमान को राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण अधिनियम, 1971 (Prevention of Insults to National Honour Act, 1971) के अंतर्गत दंडनीय अपराध माना गया है।
UPSC के लिए महत्व
राष्ट्रीय ध्वज दिवस भारतीय संविधान, स्वतंत्रता आंदोलन, राष्ट्रीय प्रतीक, नागरिक कर्तव्य और संवैधानिक मूल्यों से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) में राष्ट्रीय ध्वज, अशोक चक्र, ध्वज संहिता, राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण अधिनियम, 1971 तथा राष्ट्रीय प्रतीकों से संबंधित तथ्य पूछे जा सकते हैं। मुख्य परीक्षा (GS Paper-I एवं GS Paper-II) में राष्ट्रीय एकता, संवैधानिक आदर्श, नागरिक उत्तरदायित्व तथा राष्ट्र-निर्माण के संदर्भ में यह विषय महत्वपूर्ण है।