दिल्ली की ‘परिवर्तन योजना’: स्वच्छ परिवहन और हरित गतिशीलता की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
दिल्ली सरकार ने 'परिवर्तन योजना' को मंजूरी दी है, जिसका उद्देश्य BS-IV एवं उससे पुराने वाणिज्यिक वाहनों को BS-VI, CNG या इलेक्ट्रिक वाहनों से बदलकर वायु प्रदूषण कम करना है। यह योजना दिल्ली इलेक्ट्रिक वाहन नीति 2026 और राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) के अनुरूप स्वच्छ एवं सतत परिवहन को बढ़ावा देती है। योजना के तहत पात्र वाहन मालिकों को कर एवं पंजीकरण शुल्क में छूट, 5% ब्याज सब्सिडी, OEM छूट तथा ईंधन वाउचर जैसे प्रोत्साहन दिए जाएंगे। इस पहल से हरित गतिशीलता, कार्बन उत्सर्जन में कमी, ऊर्जा दक्षता तथा इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
दिल्ली सरकार ने 'परिवर्तन योजना (Parivartan Scheme)' को लागू करने की मंजूरी प्रदान की है। यह सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) की एक प्रमुख पहल है, जिसका उद्देश्य BS-IV एवं उससे पुराने वाणिज्यिक वाहनों को BS-VI अथवा इलेक्ट्रिक (EV) वाहनों से प्रतिस्थापित कर दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण एवं वाहनजनित उत्सर्जन को कम करना है। यह योजना दिल्ली इलेक्ट्रिक वाहन नीति 2026 के अनुरूप स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देती है।
योजना के उद्देश्य
परिवर्तन योजना का उद्देश्य पुराने एवं अधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाणिज्यिक वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाकर स्वच्छ, ऊर्जा-कुशल और कम उत्सर्जन वाले वाहनों को बढ़ावा देना है। इसके माध्यम से ग्रीन मोबिलिटी (Green Mobility), कार्बन उत्सर्जन में कमी, वायु गुणवत्ता में सुधार तथा सतत शहरी परिवहन (Sustainable Urban Transport) को प्रोत्साहित किया जाएगा।
प्रमुख प्रावधान
योजना के अंतर्गत BS-IV एवं उससे पुराने हल्के, मध्यम और भारी मालवाहक वाहन तथा वाणिज्यिक बसें पात्र होंगी। इन वाहनों के स्थान पर BS-VI, CNG अथवा इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने पर मोटर वाहन कर में छूट, पंजीकरण शुल्क से छूट, 5% ब्याज सब्सिडी, OEM (Original Equipment Manufacturer) द्वारा छूट तथा ईंधन वाउचर जैसे प्रोत्साहन दिए जाएंगे। प्रयुक्त (Used) इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए भी विशेष रियायतें प्रदान की गई हैं।
पर्यावरणीय एवं आर्थिक महत्त्व
यह योजना राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) के उद्देश्यों के अनुरूप है तथा परिवहन क्षेत्र से होने वाले प्रदूषण को कम करने में सहायक होगी। साथ ही यह इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग, हरित प्रौद्योगिकी, ऊर्जा दक्षता एवं स्वच्छ ईंधन आधारित परिवहन को बढ़ावा देकर हरित अर्थव्यवस्था (Green Economy) को गति प्रदान करेगी।
UPSC के लिए महत्त्व
UPSC प्रारंभिक परीक्षा में BS-IV, BS-VI उत्सर्जन मानक, इलेक्ट्रिक वाहन नीति, NCAP, MoRTH तथा प्रदूषण नियंत्रण से संबंधित योजनाओं पर प्रश्न पूछे जा सकते हैं। मुख्य परीक्षा (GS Paper-III) में शहरी वायु प्रदूषण, सतत परिवहन, हरित गतिशीलता, इलेक्ट्रिक वाहन पारिस्थितिकी तंत्र तथा जलवायु परिवर्तन शमन (Climate Change Mitigation) के संदर्भ में इस योजना का विश्लेषण महत्वपूर्ण है।