डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि: ‘मिसाइल मैन’ की वैज्ञानिक विरासत और विकसित भारत का दृष्टिकोण
27 जुलाई को भारत के पूर्व राष्ट्रपति, प्रख्यात वैज्ञानिक एवं 'मिसाइल मैन ऑफ इंडिया' डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि मनाई जाती है, जिनका वर्ष 2015 में IIM शिलांग में व्याख्यान के दौरान निधन हुआ था। डॉ. कलाम ने DRDO, ISRO, एकीकृत निर्देशित मिसाइल विकास कार्यक्रम (IGMDP) तथा पोखरण-II परमाणु परीक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दिया। वे 2002 से 2007 तक भारत के 11वें राष्ट्रपति रहे और Vision 2020 के माध्यम से विकसित भारत का सपना प्रस्तुत किया। भारत रत्न, पद्म विभूषण और पद्म भूषण से सम्मानित डॉ. कलाम आज भी विज्ञान, शिक्षा, नवाचार और युवा सशक्तिकरण के प्रेरणास्रोत माने जाते हैं।
27 जुलाई को भारत के पूर्व राष्ट्रपति, प्रख्यात वैज्ञानिक एवं 'मिसाइल मैन ऑफ इंडिया' के नाम से प्रसिद्ध डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि मनाई जाती है। वर्ष 2015 में भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM), शिलांग में व्याख्यान देते समय उनका निधन हुआ था। इस अवसर पर देशभर में उन्हें विज्ञान, शिक्षा, राष्ट्रनिर्माण और युवाओं को प्रेरित करने में उनके योगदान के लिए श्रद्धांजलि दी जाती है।
डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का परिचय (About A.P.J. Abdul Kalam)
डॉ. कलाम का जन्म 15 अक्टूबर 1931 को रामेश्वरम (तमिलनाडु) में हुआ था। वे एक प्रसिद्ध एयरोस्पेस वैज्ञानिक थे और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) तथा भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) में महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके थे। वे 2002 से 2007 तक भारत के 11वें राष्ट्रपति रहे और उन्हें "जनता के राष्ट्रपति (People's President)" के रूप में भी जाना जाता है।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में योगदान (Scientific Contributions)
डॉ. कलाम ने भारत के एकीकृत निर्देशित मिसाइल विकास कार्यक्रम (IGMDP) में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके नेतृत्व में अग्नि और पृथ्वी जैसी स्वदेशी मिसाइल प्रणालियों का विकास हुआ। उन्होंने भारत के 1998 के पोखरण-II परमाणु परीक्षण में भी महत्वपूर्ण वैज्ञानिक भूमिका निभाई, जिससे भारत की सामरिक क्षमता को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिली।
शिक्षा एवं राष्ट्रनिर्माण में योगदान (Contribution to Education and Nation Building)
डॉ. कलाम का मानना था कि युवा शक्ति ही भारत के विकास की सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने "Vision 2020" के माध्यम से भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य प्रस्तुत किया। वे नवाचार, वैज्ञानिक सोच, आत्मनिर्भरता, कौशल विकास तथा नैतिक नेतृत्व पर विशेष बल देते थे। उनके विचार आज भी नई शिक्षा, अनुसंधान और स्टार्टअप संस्कृति को प्रेरित करते हैं।
प्रमुख सम्मान एवं कृतियाँ (Awards and Works)
डॉ. कलाम को भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न (1997) प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त उन्हें पद्म भूषण (1981) तथा पद्म विभूषण (1990) से भी सम्मानित किया गया। उनकी प्रमुख पुस्तकों में "Wings of Fire", "Ignited Minds", "India 2020" तथा "Turning Points" शामिल हैं, जो युवाओं और नीति-निर्माताओं के लिए प्रेरणास्रोत मानी जाती हैं।
UPSC परीक्षा की दृष्टि से प्रमुख तथ्य (Key Takeaways)
27 जुलाई को डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि मनाई जाती है।
वे भारत के 11वें राष्ट्रपति (2002–2007) तथा 'मिसाइल मैन ऑफ इंडिया' के नाम से प्रसिद्ध थे।
उन्होंने DRDO, ISRO, IGMDP तथा पोखरण-II परमाणु परीक्षण (1998) में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
उन्हें भारत रत्न (1997), पद्म विभूषण (1990) तथा पद्म भूषण (1981) से सम्मानित किया गया।
उनकी Vision 2020 की अवधारणा विकसित भारत, नवाचार, वैज्ञानिक सोच और ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था पर आधारित थी।
डॉ. कलाम का जीवन विज्ञान, शिक्षा, सुशासन, आत्मनिर्भरता और युवा सशक्तिकरण का उत्कृष्ट उदाहरण है, जो UPSC परीक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण व्यक्तित्वों में शामिल है।