भारतीय तटरक्षक बल में लैंगिक समानता की नई पहल: महिला अधिकारियों को समान अवसर एवं शहीद/लापता कर्मियों के परिवारों के लिए त्वरित सहायता
29 जुलाई 2026 को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय तटरक्षक बल में लिंग-तटस्थ भर्ती एवं कैरियर प्रगति की नई नीति लागू करने तथा महिला एवं पुरुष अधिकारियों को SSA और PA में समान अवसर देने की घोषणा की। नई व्यवस्था के तहत पात्र महिला अधिकारियों को स्थायी नियुक्ति और पदोन्नति के अधिक अवसर मिलेंगे। साथ ही, ड्यूटी के दौरान समुद्र में लापता कर्मियों को अनुग्रह राशि के उद्देश्य से "मृत मान लिया गया" घोषित कर उनके परिवारों को मुआवजा एवं अन्य लाभ शीघ्र उपलब्ध कराए जा सकेंगे। यह सुधार भारतीय तटरक्षक बल में लैंगिक समानता, सैनिक कल्याण और समुद्री सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
29 जुलाई 2026 को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard-ICG) के लिए दो महत्वपूर्ण नीतिगत सुधारों की घोषणा की। पहला सुधार अधिकारियों की भर्ती एवं कैरियर प्रगति में लिंग-तटस्थ (Gender-Neutral) व्यवस्था लागू करने से संबंधित है, जबकि दूसरा सुधार ड्यूटी के दौरान समुद्र में लापता हुए कर्मियों के परिवारों को अनुग्रह राशि (Ex-Gratia) एवं अन्य लाभ शीघ्र उपलब्ध कराने से जुड़ा है।
लिंग-तटस्थ भर्ती एवं कैरियर प्रगति की नई व्यवस्था
नई नीति के अनुसार महिला एवं पुरुष अधिकारियों को Short Service Appointment (SSA) तथा Permanent Appointment (PA) में समान अवसर दिए जाएंगे। महिला अधिकारी पात्रता के आधार पर उच्च पदों पर पदोन्नति प्राप्त कर सकेंगी तथा SSA के अंतर्गत कार्यरत महिला अधिकारियों को निर्धारित शर्तों के अनुसार स्थायी नियुक्ति (PA) का विकल्प भी मिलेगा। यह सुधार रक्षा सेवाओं में समान अवसर और लैंगिक न्याय को मजबूत करता है।
लापता कर्मियों के परिवारों के लिए नई व्यवस्था
यदि कोई भारतीय तटरक्षक कर्मी ड्यूटी के दौरान समुद्र में लापता हो जाता है, तो भारतीय तटरक्षक बल उसे अनुग्रह राशि प्रदान करने के उद्देश्य से "मृत मान लिया गया" (Presumed Dead) घोषित कर सकेगा। इससे परिवारों को अनुग्रह मुआवजा, टर्मिनल लाभ तथा निकटतम संबंधी (Next of Kin - NOK) को वित्तीय सहायता शीघ्र उपलब्ध कराई जा सकेगी और प्रशासनिक विलंब कम होगा।
भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard) का महत्व
भारतीय तटरक्षक बल की स्थापना 1978 में Coast Guard Act, 1978 के तहत की गई थी। यह रक्षा मंत्रालय के अधीन कार्य करता है और समुद्री कानून प्रवर्तन, तटीय सुरक्षा, खोज एवं बचाव (Search and Rescue), समुद्री प्रदूषण नियंत्रण, तस्करी एवं अवैध गतिविधियों की रोकथाम तथा समुद्री सीमाओं की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। वर्ष 2027 में भारतीय तटरक्षक बल अपनी स्वर्ण जयंती (Golden Jubilee) मनाएगा।
UPSC Perspective: शासन एवं रक्षा सुधार
यह सुधार महिला सशक्तिकरण (Nari Shakti), रक्षा क्षेत्र में लैंगिक समानता, सैनिक कल्याण, मानव संसाधन प्रबंधन तथा सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। यह संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार), अनुच्छेद 15 (भेदभाव का निषेध) और अनुच्छेद 16 (सार्वजनिक रोजगार में समान अवसर) की भावना को भी सुदृढ़ करता है।