छत्तीसगढ़ की ‘द्वीप्ती’ योजना: महिला नेतृत्व वाली नवीकरणीय ऊर्जा और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने की अभिनव पहल
छत्तीसगढ़ सरकार ने जुलाई 2026 में ‘द्वीप्ती (DEEPTHI)’ योजना शुरू की, जो भारत की पहली महिला-नेतृत्व वाली वितरित नवीकरणीय ऊर्जा नीति है और जिसका उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों (SHGs) की महिलाओं को सौर उद्यमी बनाना है। योजना के तहत 5,000 महिला-नेतृत्व वाले सौर उद्यम, 50,000 हरित रोजगार, तथा 5 लाख परिवारों और 10,000 सार्वजनिक संस्थानों तक स्वच्छ ऊर्जा पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है। ‘सोलर दीदी’ मॉडल के माध्यम से महिलाओं को सौर पैनल स्थापना एवं रखरखाव का प्रशिक्षण दिया जा रहा है तथा कबीरधाम इस योजना को लागू करने वाला पहला जिला बना है। यह पहल महिला सशक्तिकरण, नवीकरणीय ऊर्जा, हरित अर्थव्यवस्था, ऊर्जा संक्रमण और भारत के नेट-ज़ीरो एवं सतत विकास लक्ष्यों को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
छत्तीसगढ़ सरकार ने जुलाई 2026 में ‘द्वीप्ती (DEEPTHI – Decentralised Women Empowerment on Energy and Policy for Transformative Inclusion)’ योजना प्रारंभ की। यह भारत की पहली महिला-नेतृत्व वाली वितरित नवीकरणीय ऊर्जा (Distributed Renewable Energy) नीति है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण स्वयं सहायता समूहों (SHGs) की महिलाओं को सौर उद्यमी (Solar Entrepreneurs) के रूप में विकसित करना तथा महिला सशक्तिकरण, स्वच्छ ऊर्जा और हरित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना है।
योजना के उद्देश्य एवं लक्ष्य
योजना का लक्ष्य राज्यभर में 5,000 महिला-नेतृत्व वाले सौर उद्यम स्थापित करना तथा लगभग 50,000 हरित रोजगार (Green Jobs) सृजित करना है। इसके अतिरिक्त, 5 लाख परिवारों और 10,000 सार्वजनिक संस्थानों तक स्वच्छ ऊर्जा समाधान पहुँचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह पहल ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाने के साथ-साथ ऊर्जा सुरक्षा और सतत विकास को भी प्रोत्साहित करेगी।
कार्यान्वयन एवं संस्थागत व्यवस्था
इस योजना को छत्तीसगढ़ के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा Transform Rural India (TRI) के सहयोग से विकसित किया गया है। इसका कार्यान्वयन प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना (PM Surya Ghar: Muft Bijli Yojana) तथा छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) के सहयोग से किया जा रहा है। प्रारंभिक चरण में 12 जिलों के 13 क्लस्टर स्तरीय फेडरेशन (CLFs) को अधिकृत सौर विक्रेता बनाया गया है।
‘सोलर दीदी’ मॉडल एवं महिला उद्यमिता
योजना की प्रमुख विशेषता ‘सोलर दीदी’ मॉडल है, जिसके अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को रूफटॉप सोलर पैनल स्थापना, रखरखाव, तकनीकी सेवाओं तथा ग्राहक सहायता का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। टाटा समूह के तकनीकी सहयोग से प्रथम चरण में लगभग 35 महिलाओं को प्रशिक्षित किया गया है। कबीरधाम इस योजना को लागू करने वाला पहला जिला बना है, जो पूरे राज्य के लिए एक पायलट मॉडल के रूप में कार्य करेगा।
व्यापक महत्व एवं सतत विकास से संबंध
यह योजना महिला सशक्तिकरण, नवीकरणीय ऊर्जा, हरित रोजगार, ग्रामीण उद्यमिता और जलवायु परिवर्तन शमन को एकीकृत करने वाली बहुआयामी पहल है। यह राष्ट्रीय सौर मिशन, सतत विकास लक्ष्य (SDGs), भारत के नेट-ज़ीरो लक्ष्य तथा ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान देती है। साथ ही यह ‘लखपति दीदी’ जैसी आजीविका उन्मुख योजनाओं के साथ भी जुड़ी हुई है।
UPSC परीक्षा की दृष्टि से महत्व
यह समाचार महिला सशक्तिकरण, स्वयं सहायता समूह (SHGs), नवीकरणीय ऊर्जा, ग्रामीण विकास, जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा नीति तथा सतत विकास से संबंधित समसामयिक विषयों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। परीक्षा में Distributed Renewable Energy (DRE), PM Surya Ghar: Muft Bijli Yojana, SHGs की भूमिका, हरित रोजगार, सौर ऊर्जा आधारित उद्यमिता तथा SDGs से जुड़े तथ्यात्मक एवं विश्लेषणात्मक प्रश्न पूछे जा सकते हैं। यह विषय GS Paper-2 (शासन एवं सामाजिक न्याय) तथा GS Paper-3 (पर्यावरण, ऊर्जा एवं अर्थव्यवस्था) दोनों की दृष्टि से अत्यंत उपयोगी है।