गाजा शांति पहल: हमास के निरस्त्रीकरण प्रस्ताव पर सहमति, युद्धविराम की दिशा में महत्वपूर्ण कूटनीतिक पहल
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा में हमास और अन्य सशस्त्र समूहों के पूर्ण निरस्त्रीकरण से संबंधित शांति प्रस्ताव पर सहमति की घोषणा की, जिसे हमास ने स्वीकार कर लिया है, जबकि इज़राइल की औपचारिक स्वीकृति अभी शेष है। इस अमेरिका समर्थित योजना में चरणबद्ध निरस्त्रीकरण, इज़रायली सेना की वापसी, नई फिलिस्तीनी सुरक्षा व्यवस्था, अंतरराष्ट्रीय शांति बल की तैनाती और गाजा के पुनर्निर्माण का प्रावधान है। इस पहल को आगे बढ़ाने में मिस्र, कतर और तुर्की ने महत्वपूर्ण मध्यस्थ की भूमिका निभाई है। यह शांति प्रयास 7 अक्टूबर 2023 से जारी इज़राइल–हमास संघर्ष को समाप्त कर स्थायी शांति स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि गाजा में हमास और अन्य सशस्त्र समूहों के पूर्ण निरस्त्रीकरण (Disarmament) के लिए एक शांति प्रस्ताव पर सहमति बनी है। हमास के एक वरिष्ठ नेता ने भी प्रस्ताव स्वीकार करने की पुष्टि की है। हालांकि, इज़राइल ने अभी तक औपचारिक स्वीकृति नहीं दी है, इसलिए समझौते का अंतिम क्रियान्वयन आगे की वार्ताओं, सुरक्षा गारंटी और अंतरराष्ट्रीय सत्यापन प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।
गाजा शांति योजना (Board of Peace Initiative) क्या है?
यह अमेरिका समर्थित शांति पहल है, जिसका उद्देश्य केवल युद्धविराम स्थापित करना नहीं, बल्कि गाजा में स्थायी शांति, सुरक्षा, शासन सुधार और पुनर्निर्माण सुनिश्चित करना है। इस पहल को आगे बढ़ाने में मिस्र, कतर और तुर्की जैसे क्षेत्रीय मध्यस्थों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्रस्ताव को गाजा युद्धविराम ढांचे के दूसरे चरण का हिस्सा माना जा रहा है।
प्रस्ताव के प्रमुख प्रावधान
प्रस्ताव के अनुसार हमास और अन्य सशस्त्र संगठनों का पूर्ण निरस्त्रीकरण किया जाएगा। इसके पश्चात चरणबद्ध तरीके से इज़रायली सेना की वापसी, फिलिस्तीनी प्रशासन के अधीन नई सुरक्षा व्यवस्था, अंतरराष्ट्रीय शांति बल की तैनाती, नए फिलिस्तीनी पुलिस बल का गठन तथा अंतरराष्ट्रीय निगरानी में गाजा के पुनर्निर्माण की प्रक्रिया शुरू होगी। पूरी प्रक्रिया सत्यापन आधारित (Verification-based) होगी।
गाजा संघर्ष की पृष्ठभूमि
वर्तमान गाजा संघर्ष 7 अक्टूबर 2023 को हमास द्वारा इज़राइल पर किए गए हमले के बाद शुरू हुआ। इसके जवाब में इज़राइल ने गाजा में व्यापक सैन्य अभियान चलाया। इस संघर्ष में भारी जनहानि, मानवीय संकट, विस्थापन तथा बुनियादी ढांचे का व्यापक विनाश हुआ। संयुक्त राष्ट्र सहित अनेक अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने लगातार युद्धविराम, मानवीय सहायता और बंधकों की रिहाई की अपील की है।
UPSC परीक्षा की दृष्टि से महत्व
गाजा संकट पश्चिम एशिया (Middle East) की भू-राजनीति, अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा, आतंकवाद, मानवीय कानून तथा वैश्विक कूटनीति से जुड़ा अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है। UPSC प्रारंभिक परीक्षा में इज़राइल–फिलिस्तीन विवाद, हमास, गाजा पट्टी, युद्धविराम, संयुक्त राष्ट्र तथा क्षेत्रीय मध्यस्थ देशों से संबंधित तथ्य पूछे जा सकते हैं। मुख्य परीक्षा में भारत की पश्चिम एशिया नीति, शांति निर्माण, मानवीय सहायता, अंतरराष्ट्रीय कानून तथा बहुपक्षीय कूटनीति के संदर्भ में इसका विश्लेषण महत्वपूर्ण है।