अमेरिकी तटरक्षक दिवस (U.S. Coast Guard Day): समुद्री सुरक्षा, कानून प्रवर्तन और मानवीय सेवाओं का प्रतीक
अमेरिकी तटरक्षक दिवस प्रतिवर्ष 4 अगस्त को United States Coast Guard (USCG) की स्थापना (1790) की स्मृति में मनाया जाता है। यह बल समुद्री सुरक्षा, खोज एवं बचाव, समुद्री कानून प्रवर्तन, पर्यावरण संरक्षण तथा प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। भारत और अमेरिका हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा, समुद्री डोमेन जागरूकता, संयुक्त अभ्यास तथा मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (HADR) जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा रहे हैं। यह साझेदारी मुक्त, सुरक्षित और नियम-आधारित समुद्री व्यवस्था को सुदृढ़ करने के साथ क्षेत्रीय स्थिरता को भी मजबूत करती है।
अमेरिकी तटरक्षक दिवस (U.S. Coast Guard Day) प्रतिवर्ष 4 अगस्त को मनाया जाता है। यह दिवस संयुक्त राज्य अमेरिका तटरक्षक बल (United States Coast Guard – USCG) की स्थापना (4 अगस्त 1790) की स्मृति में मनाया जाता है। इस अवसर पर समुद्री सुरक्षा, खोज एवं बचाव (Search and Rescue), समुद्री कानून प्रवर्तन, पर्यावरण संरक्षण तथा राष्ट्रीय सुरक्षा में तटरक्षक बल के योगदान को सम्मानित किया जाता है।
अमेरिकी तटरक्षक बल की प्रमुख भूमिकाएँ (Significance)
अमेरिकी तटरक्षक बल समुद्री सीमाओं की सुरक्षा, अवैध तस्करी एवं समुद्री अपराधों की रोकथाम, खोज एवं बचाव अभियान (Search and Rescue), समुद्री पर्यावरण संरक्षण, नौवहन सुरक्षा (Maritime Safety), मत्स्य संसाधनों की निगरानी तथा प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों का संचालन करता है। यह अमेरिका की समुद्री सुरक्षा व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण अंग है।
भारत के संदर्भ में महत्व (India's Perspective)
भारत और अमेरिका के बीच हिंद-प्रशांत (Indo-Pacific) क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा सहयोग लगातार बढ़ रहा है। भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard) और अमेरिकी तटरक्षक बल संयुक्त अभ्यास, समुद्री डोमेन जागरूकता (Maritime Domain Awareness), समुद्री प्रदूषण नियंत्रण, अवैध मछली पकड़ने की रोकथाम तथा मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (HADR) जैसे क्षेत्रों में सहयोग करते हैं। यह सहयोग मुक्त, सुरक्षित और नियम-आधारित समुद्री व्यवस्था (Rules-based Maritime Order) को मजबूत करने में सहायक है।
UPSC Mains Perspective (Analysis)
समुद्री सुरक्षा 21वीं सदी की वैश्विक रणनीति का प्रमुख विषय बन चुकी है। समुद्री व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति, ब्लू इकोनॉमी, समुद्री संसाधनों की सुरक्षा तथा इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में बढ़ती भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के कारण तटरक्षक बलों की भूमिका लगातार बढ़ रही है। भारत के लिए भी मजबूत तटरक्षक बल राष्ट्रीय सुरक्षा, तटीय सुरक्षा, समुद्री आतंकवाद की रोकथाम, समुद्री संसाधनों के संरक्षण तथा सागर (SAGAR - Security and Growth for All in the Region) जैसी पहलों की सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।