भारतीय प्राणी सर्वेक्षण (ZSI) ने पहली बार भारत की तितलियों एवं पतंगों की राष्ट्रीय सूची तैयार की
भारतीय प्राणी सर्वेक्षण (ZSI) ने पहली बार भारत में पाई जाने वाली तितलियों एवं पतंगों (Lepidoptera) की संपूर्ण राष्ट्रीय सूची तैयार की है, जिसमें 13,703 प्रजातियों का दस्तावेजीकरण किया गया है। 12 वर्षों में तैयार इस कैटलॉग का नेतृत्व डॉ. नवनीत सिंह और डॉ. राहुल जोशी ने किया तथा यह भविष्य के अनुसंधान और जैव विविधता संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण संदर्भ बनेगा। सूची में प्रजातियों को 102 परिवारों, 240 उपपरिवारों, 3,705 वंशों और 31 सुपरफैमिली में वर्गीकृत किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार भारत 2,205 जियोमेट्रोइडिया प्रजातियों के साथ इस समूह की वैश्विक जैव विविधता का लगभग 8.8% हिस्सा रखता है।
भारतीय प्राणी सर्वेक्षण (Zoological Survey of India - ZSI) ने पहली बार भारत में पाई जाने वाली तितलियों और पतंगों (Lepidoptera) की संपूर्ण राष्ट्रीय सूची (Catalogue) तैयार की है। 30 जुलाई 2026 को घोषित इस वैज्ञानिक उपलब्धि में 13,703 प्रजातियों का दस्तावेजीकरण किया गया है। इस परियोजना को पूरा करने में ZSI के वैज्ञानिकों को 12 वर्ष लगे। यह सूची भारत की जैव विविधता के वैज्ञानिक अभिलेखन तथा संरक्षण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
ZSI लेपिडोप्टेरा कैटलॉग क्या है?
यह भारत में पाई जाने वाली सभी ज्ञात तितलियों एवं पतंगों का व्यापक वैज्ञानिक वर्गीकरण (Taxonomic Catalogue) है। इसे भारतीय प्राणी सर्वेक्षण के वैज्ञानिक डॉ. नवनीत सिंह एवं डॉ. राहुल जोशी के नेतृत्व में तैयार किया गया। इस कार्य में क्षेत्रीय सर्वेक्षण, संग्रहालयों के नमूनों का अध्ययन, साहित्य समीक्षा तथा वर्गीकरण संबंधी शोध को सम्मिलित किया गया। यह भविष्य के अनुसंधान, प्रजातियों की पहचान तथा जैव विविधता प्रबंधन के लिए एक मानक संदर्भ (Reference) का कार्य करेगा।
कैटलॉग की प्रमुख विशेषताएँ
इस राष्ट्रीय सूची में भारत की 13,703 लेपिडोप्टेरा प्रजातियों को 102 परिवारों, 240 उपपरिवारों, 3,705 वंशों तथा 31 सुपरफैमिली के अंतर्गत वर्गीकृत किया गया है। यह भारत को विश्व के महाविविधता (Megadiverse) देशों में जैव विविधता संबंधी वैज्ञानिक दस्तावेजीकरण की दृष्टि से और अधिक सशक्त बनाता है। साथ ही, इससे अनेक वर्षों से लंबित वर्गीकरण संबंधी वैज्ञानिक प्रश्नों का समाधान भी हुआ है।
भारत में जियोमेट्रोइडिया (Geometroidea) का महत्व
रिपोर्ट के अनुसार भारत जियोमेट्रोइडिया (Geometroidea) पतंगों की वैश्विक विविधता का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभरा है। भारत में इस समूह की 2,205 प्रजातियाँ दर्ज की गई हैं, जो विश्व की ज्ञात जियोमेट्रोइडिया प्रजातियों का लगभग 8.8% हैं। यह तथ्य भारत की समृद्ध कीट जैव विविधता तथा वैज्ञानिक अनुसंधान की क्षमता को दर्शाता है।
UPSC परीक्षा की दृष्टि से महत्व
तितलियाँ और पतंगे परागण (Pollination), खाद्य श्रृंखला (Food Chain) तथा पारिस्थितिकी तंत्र के स्वास्थ्य के जैव संकेतक (Bio-indicators) के रूप में अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। UPSC प्रारंभिक परीक्षा में भारतीय प्राणी सर्वेक्षण (ZSI), जैव विविधता, वर्गीकरण (Taxonomy), लेपिडोप्टेरा तथा जैव संकेतकों से संबंधित प्रश्न पूछे जा सकते हैं। मुख्य परीक्षा में जैव विविधता संरक्षण, जलवायु परिवर्तन, पारिस्थितिकी तंत्र प्रबंधन तथा वैज्ञानिक संस्थानों की भूमिका पर प्रश्न महत्वपूर्ण हो सकते हैं।